गाजीपुर (फतेहपुर): थाना क्षेत्र के नरतौली स्थित एक निजी पायलसर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। पमरौली के पूर्व प्रधान द्वारा काम पर ले जाए गए एक 16 वर्षीय किशोर की 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा है और उन्होंने पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
छत पर काम के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, चककाजीपुर गांव निवासी साहिल (16) पुत्र राजेंद्र रैदास को पमरौली के पूर्व प्रधान छेदीलाल गुप्ता अपने निजी पायलसर में भूसी भरने के काम के लिए साथ ले गए थे। बताया जा रहा है कि साहिल पायलसर की छत पर चढ़कर कार्य कर रहा था, तभी ऊपर से गुजर रही मौत रूपी हाईटेंशन लाइन ने उसे अपनी ओर खींच लिया। जबरदस्त करंट लगने के कारण साहिल की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों का आरोप: बिना अनुमति ले गए थे साथ
मृतक के पिता राजेंद्र रैदास ने रोते हुए बताया कि पूर्व प्रधान उनके बेटे को बिना उनकी अनुमति के काम के लिए ले गए थे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि साहिल के साथ गांव के ही दो अन्य किशोर राजन (14) और शिव शंकर (15) को भी मजदूरी के लिए गाड़ी से ले जाया गया था। घटना के बाद जब फोन पर मौत की खबर मिली, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस और बिजली विभाग की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी हनुमान प्रताप सिंह सूर्यवंशी और अवर अभियंता शानेन्द्र सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत बिजली सप्लाई बंद करवाकर शव को छत से नीचे उतरवाया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गंभीर सवाल: नाबालिगों से जोखिम भरा काम क्यों?
इस घटना ने कई बड़े सवालों को जन्म दे दिया है:
क्या पूर्व प्रधान द्वारा नाबालिग बच्चों से मजदूरी करवाना कानून का उल्लंघन नहीं है?
हाईटेंशन लाइन के नीचे बिना सुरक्षा मानकों के पायलसर का संचालन कैसे हो रहा था?
क्या मासूम की मौत का जिम्मेदार केवल करंट है या वो लापरवाही जिसने उसे मौत की छत पर चढ़ाया?
निष्कर्ष:
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।








