फतेहपुर: जनपद के हसवा विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नरैनी-सातों-बहरामपुर मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की उम्मीद जगी है। पीडब्ल्यूडी (PWD) ने करीब 11 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के लिए 34 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस मार्ग के बनने से क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को जर्जर सड़क के नरक से निजात मिलने की संभावना है।
लाखों का पैच वर्क एक महीने में हुआ धराशायी
स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि महज एक माह पहले सड़क के गड्ढे भरने के लिए तीन लाख रुपये की लागत से पैचिंग का कार्य कराया गया था। लेकिन मानक विहीन कार्य और घटिया निर्माण के चलते एक महीना बीतते-बीतते सड़क की गिट्टियां फिर से उखड़ गईं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग पैचिंग के नाम पर सरकारी बजट को ठिकाने लगाने का काम कर रहा है।
आठ साल से जर्जर, 11 किमी के सफर में लगता है एक घंटा
करीब आठ वर्ष पूर्व बनी यह सड़क नरैनी, सातों, दादीपुर, रतनपुर, मोगरीबाग, औरई और सुबेदारपुर जैसे गांवों को हाईवे से जोड़ती है। सड़क की हालत इतनी बदतर है कि महज 11 किलोमीटर की दूरी तय करने में राहगीरों को एक घंटे का समय लग रहा है। जगह-जगह बिखरी गिट्टियों के कारण आए दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार और ग्रामीण?
विकास यादव (अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी): सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। फरवरी माह के अंत तक बजट पास होने की संभावना है, जिसके बाद 11 किमी सड़क का निर्माण शुरू होगा।
अजय मौर्या व अखिलेश मौर्या (स्थानीय निवासी): विभाग ने पैच वर्क में भारी अनदेखी की, जिससे सड़क 30 दिन भी नहीं चली। हम लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे, अब चौड़ीकरण के प्रस्ताव से राहत की उम्मीद है।








