कानपुर | ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी
कानपुर पुलिस ने देश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के जरिए करीब 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का सनसनीखेज आरोप है। 25 हजार के इनामी इस आरोपी की गिरफ्तारी से देशभर के 400 से अधिक कारोबारियों के काले साम्राज्य पर कानून का शिकंजा कस गया है।
25 लाख की लूट ने खोला करोड़ों का राज
इस ‘महा-घोटाले’ की शुरुआत श्यामनगर क्षेत्र में हुई एक मामूली लूट से हुई। मो. वासिद और अरशद नाम के दो युवक महफूज के खाते से निकाले गए 3.20 करोड़ में से 25 लाख रुपये लेकर जा रहे थे, तभी उनके साथ लूट हो गई। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज ने न केवल लूट का खुलासा किया, बल्कि उस काले धन की परतें भी खोल दीं जिसने पुलिस के होश उड़ा दिए।
हवाला का जाल: 12 बैंक और 68 फर्जी खाते
जांच में सामने आया कि महफूज अली और उसके करीबियों के नाम पर 12 अलग-अलग बैंकों में 68 खाते संचालित हो रहे थे।
लेनदेन: पिछले ढाई साल में इन खातों में 1600 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला, जो आयकर विभाग की गहन जांच में 3200 करोड़ तक पहुंच गया।
मोडस ऑपेरंडी: महफूज भोली-भाली जनता को सरकारी योजना और लोन का झांसा देकर उनके आधार और पैन कार्ड लेता था। इन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए जाते थे और फर्जी सिम के जरिए ऑनलाइन बैंकिंग का खेल चलता था।
हाईटेक था ‘पप्पू छुरी’, केवल व्हाट्सएप पर करता था बात
पुलिस अधिकारी रघुवीर लाल ने बताया कि आरोपी महफूज अली पुलिस से बचने के लिए सामान्य मोबाइल कॉल का उपयोग नहीं करता था। वह केवल व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए नेटवर्क संचालित करता था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सर्विलांस की मदद से उसे उस समय दबोचा जब वह दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल में छिपने के बाद वापस शहर में दाखिल हुआ।
इन क्षेत्रों से जुड़ा है नेटवर्क
यह काला धन मुख्य रूप से निम्नलिखित सेक्टरों से जुड़ा बताया जा रहा है:
टेनरी संचालक
स्लॉटर हाउस (बूचड़खाने)
स्क्रैप कारोबारी
बड़ी व्यापारिक फर्में
देशभर में फैला है मकड़जाल
महफूज का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, पंजाब, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक फैला है। पुलिस अब पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में उसके रिश्तेदारों और सहयोगियों की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ जाजमऊ और चकेरी थानों में 6 एफआईआर दर्ज हैं।
अगला कदम: कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। अब पुलिस, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस नेटवर्क में शामिल बैंक अधिकारियों और हवाला कनेक्शनों की गहराई से जांच कर रहे हैं।








