फतेहपुर | संवाददाता माधव निषाद
जनपद के विजयीपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर के वलीपुर रमसगरा गाँव से विकास के दावों को मुँह चिढ़ाती एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ जलनिकासी की मुकम्मल व्यवस्था न होने के कारण गाँव की मुख्य सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। आलम यह है कि प्रशासन की अनदेखी से तंग आकर अब ग्रामीण खुद ही सड़कों से पानी निकालने को मजबूर हैं।
‘नारकीय’ हुए हालात, जिम्मेदार बेखबर
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की गई है। जमीनी हकीकत यह है कि सड़कों पर घुटनों तक भरे गंदे पानी के कारण लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। जलभराव की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि ‘कुंभकर्णी नींद’ में सोए हुए हैं।
ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या की शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर अब गाँव के लोग खुद ही फावड़ा लेकर सड़कों पर जमा पानी को निकालने का रास्ता बना रहे हैं। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:
“सरकार विकास की बातें करती है, लेकिन हमारे गाँव की स्थिति नारकीय बनी हुई है। सड़कों पर नाली का गंदा पानी भरा है और कोई सुध लेने वाला नहीं है।”
उठ रहे हैं गंभीर सवाल
रामपुर ग्राम पंचायत की यह बदहाली प्रशासन और पंचायत राज विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विकास कार्यों के लिए आने वाला बजट आखिर कहाँ खपाया गया? क्या अधिकारियों को ग्रामीणों की इस पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है?
ग्रामीणों की मांग:
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वलीपुर रमसगरा गाँव में तत्काल जलनिकासी के लिए नालियों का निर्माण कराया जाए और जर्जर सड़कों की मरम्मत हो, ताकि उन्हें इस मुसीबत से स्थायी निजात मिल सके।
विजयीपुर से ग्राउंड रिपोर्ट।








