रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, ब्यूरो चीफ (कानपुर)
कानपुर देहात: औद्योगिक क्षेत्र जैनपुर स्थित अरविंद फुटवियर फैक्ट्री में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सैकड़ों मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। वेतन विसंगतियों और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर धरना देकर कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रमुख मांगें और आक्रोश
प्रदर्शनकारी मजदूरों का नेतृत्व कर रहे कर्मचारियों ने प्रबंधन पर शोषण का गंभीर आरोप लगाया। मजदूरों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
न्यूनतम मजदूरी: मजदूरों की मांग है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कम से कम 738 रुपये प्रतिदिन का वेतन दिया जाए।
ओवरटाइम का भुगतान: कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे अतिरिक्त काम तो लिया जाता है, लेकिन उसका उचित भुगतान नहीं किया जा रहा।
महंगाई का मार: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कमरतोड़ महंगाई के इस दौर में वर्तमान वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना असंभव हो गया है।
पुलिस प्रशासन मुस्तैद, सोमवार को बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट
हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मजदूरों को शांत कराने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन मजदूर अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन चाहते थे।
रविवार को अवकाश होने के कारण फैक्ट्री परिसर में शांति रही, लेकिन मजदूरों के तेवरों से साफ है कि सोमवार से आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
नोएडा जैसी स्थिति की आशंका
गौरतलब है कि पिछले महीने नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में भी वेतन वृद्धि को लेकर हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले थे, जिससे प्रशासन पहले से ही सतर्क है। कानपुर देहात में मजदूरों की यह हड़ताल अब जिला प्रशासन के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। मजदूरों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक प्रबंधन और श्रम विभाग उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता, काम पर वापसी नहीं होगी।








