खागा समाधान दिवस में खौफनाक मोड़: न्याय न मिलने से टूटे किसान ने DM-SP के सामने किया आत्मदाह का प्रयास

 

लेखपाल और कानूनगो पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप; ऐन वक्त पर पुलिस ने ज्वलनशील पदार्थ छीनकर बचाई जान, मची अफरा-तफरी

खागा (फतेहपुर) | रिपोर्ट: पिंटू तिवारी / नाजिया परवीन:

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद अंतर्गत खागा तहसील में शनिवार को आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ उस समय अखाड़े और छावनी में तब्दील हो गया, जब व्यवस्था से हारे एक पीड़ित किसान ने शीर्ष अधिकारियों के सामने ही खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आत्मदाह (आत्महत्या) करने का प्रयास किया।

सभागार में जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) की मौजूदगी के बीच हुए इस आत्मघाती कदम से प्रशासनिक अमले और फरियादियों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए किसान को दबोच लिया और उसके हाथ से ज्वलनशील पदार्थ छीन लिया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

भ्रष्टाचार और अनदेखी से आक्रोशित था किसान

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, समाधान दिवस में अपनी बारी आने पर किसान अचानक अधिकारियों के मंच के सामने पहुंचा। वह मानसिक रूप से बेहद परेशान और आक्रोशित दिख रहा था। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने खुद को आग लगाने की कोशिश की।

लेखपाल-कानूनगो पर संगीन आरोप: पीड़ित किसान ने चीख-चीखकर हलका लेखपाल और कानूनगो पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना था कि राजस्व संबंधी मामले में उसे लंबे समय से दौड़ाया जा रहा है और न्याय देने के बदले प्रताड़ित किया जा रहा है।

फाइलें दबाने का खेल: महीनों तक तहसील के चक्कर काटने और हर चौखट पर सिर पटकने के बाद भी जब उसकी सुनवाई नहीं हुई, तो उसका सब्र का बांध टूट गया।

प्रशासनिक दावों की खुली पोल

त्वरित न्याय और जनता की समस्याओं के ऑन-द-स्पॉट निस्तारण के लिए सरकार ने ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ जैसी व्यवस्था शुरू की थी। लेकिन जब सूबे के सबसे बड़े प्रशासनिक (DM) और पुलिस (SP) मुखिया के सामने ही एक अन्नदाता को अपनी बात सुनाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़े, तो यह खागा तहसील की संवेदनहीनता और लचर कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा सवालिया निशान है।

स्थानीय जनता का फूटा गुस्सा: “यह घटना किसी एक किसान की नाराजगी नहीं, बल्कि तहसील में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ उपजा जन-आक्रोश है। अगर लेखपाल और कानूनगो समय रहते निष्पक्ष जांच कर देते, तो आज एक किसान को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर नहीं होना पड़ता।”

जांच के घेरे में आरोपी राजस्व कर्मी

इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे और सुरक्षा में चूक के बाद बैकफुट पर आया जिला प्रशासन अब मामले की लीपापोती और जांच की बात कह रहा है। जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपी लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ जांच बैठा दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

बहरहाल, इस खौफनाक घटना ने यह साफ कर दिया है कि खागा तहसील के निचले स्तर के कर्मचारियों की मनमानी किस कदर हावी है, जो आम जनता को मौत के मुहाने तक धकेल रही है।

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Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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