फतेहपुर- पुलिस और जनता के बीच के फासले को पाटने और फरियादियों को न्याय के लिए मुख्यालय के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक (नगर) अभिमन्यु मांगलिक ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। अब एसपी खुद जिले के विभिन्न थानों में जाकर तय तिथियों पर जनता की समस्याएं सुनेंगे। इस नई व्यवस्था का आगाज़ शुक्रवार को शहर कोतवाली से हुआ, जहाँ पहले ही दिन अपनी शिकायतें लेकर लोगों का तांता लग गया।
कोतवाली में घंटों चला शिकायतों का दौर
शुक्रवार सुबह से ही शहर कोतवाली परिसर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचने लगे थे। इनमें मुख्य रूप से जमीन विवाद, मारपीट, घरेलू कलह, अवैध कब्जा, रास्ते के झगड़े और पुलिसिया कार्रवाई में देरी जैसे मामले शामिल थे। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रत्येक शिकायतकर्ता को अपने पास बुलाया और उनकी बात सुनी।
लापरवाह अधिकारियों को कड़ी फटकार
जनसुनवाई के दौरान एसपी का रुख बेहद सख्त नजर आया। उन्होंने औपचारिकता निभाने के बजाय संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही जवाब तलब किया। एसपी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि:
टालमटोल बर्दाश्त नहीं: फरियादियों को थाने से टरकाने या बार-बार चक्कर लगवाने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी।
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: हर शिकायत का समाधान निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से होना चाहिए।
जवाबदेही तय होगी: यदि किसी पीड़ित को न्याय नहीं मिला या उसे अनावश्यक परेशान किया गया, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
“पुलिस की वर्दी का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि पीड़ित की आवाज सुनना और उसे राहत देना भी है। जनसमस्याओं के समाधान में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य है।” > — अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
जमीन पर दिखेगा समाधान
पहली जनसुनवाई में कई फरियादियों ने लंबित विवेचनाओं और दबंगों के खिलाफ कार्रवाई न होने की शिकायत की। इस पर एसपी ने प्रभारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि शिकायतें फाइलों में दबने के बजाय धरातल पर हल होनी चाहिए।
एसपी की इस अनूठी पहल से जिले की जनता में विश्वास जगा है कि अब उन्हें अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए बड़े कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि खुद ‘कप्तान’ उनकी चौखट पर न्याय करने पहुंचेंगे।








