कानपुर ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद, कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र में हुए लगभग 400 करोड़ रुपये के बहुचर्चित जमीन घोटाले में पूर्व अपर जिलाधिकारी (ADM), निजी कंपनियों और बैंक अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद वर्ष 2011 में शुरू हुआ था, जब शासन ने भोगनीपुर के चपरघटा, कृपालपुर, भुण्डा, रसूलपुर और भरतौली समेत 7 गांवों की लगभग 2332 एकड़ भूमि थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए आवंटित की थी।
कंपनियाँ: हिमावत पावर और लैन्को अनपरा पावर।
शर्त: समझौते के अनुसार 3 साल के भीतर बिजली उत्पादन शुरू करना अनिवार्य था।
उल्लंघन: 15 साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ।
जमीन गिरवी रखकर 1500 करोड़ का खेल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कंपनियों ने न केवल समझौते की शर्तों को ताक पर रखा, बल्कि मिलीभगत कर सरकारी और अधिग्रहीत भूमि को बैंकों में गिरवी रख दिया। इन कंपनियों ने इस जमीन के आधार पर IDBI, केनरा बैंक और PNB जैसे बैंकों से करीब 1500 करोड़ रुपये का कर्ज उठा लिया। न तो बिजली घर बना और न ही बैंकों का कर्ज चुकाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों और बैंकों की मिलीभगत
वर्तमान जिलाधिकारी कपिल सिंह की जांच में सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) ओ.के. सिंह और बैंकों के अधिकारियों की गहरी संलिप्तता थी। जब बैंकों ने इस कीमती सरकारी जमीन को नीलाम करने की कोशिश की, तब मामला शासन के संज्ञान में आया।
“बिना सरकार की अनुमति के सरकारी जमीन को बंधक बनाना एक गंभीर अपराध है। राजस्व को भारी क्षति पहुँचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” — प्रशासनिक सूत्र
FIR और कानूनी कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह की तहरीर पर थाना मूसानगर में जालसाजी, धोखाधड़ी और साजिश की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
रिकॉर्ड सुधार: जिलाधिकारी ने अवैध नीलामी पर रोक लगाते हुए जमीन को पुनः सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया है।
वर्तमान स्थिति: इस जमीन की सर्किल रेट के अनुसार कीमत 300 करोड़ से अधिक है, जबकि बाजार मूल्य इससे कहीं ज्यादा आंका जा रहा है।
इस कार्रवाई से भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब इस मामले के साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारियों की तैयारी कर रही है।








