घटनास्थल: कल्याणपुर थाना क्षेत्र का पिलखनी गांव, फतेहपुर।
बड़ा हादसा: गैस रिसाव (लीकेज) के कारण अचानक भड़की आग, पूरा घर चपेट में आया।
घायल: महिलाएं और बच्चों समेत एक ही परिवार के 9 लोग गंभीर रूप से झुलसे।
वर्तमान स्थिति: सभी घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती, कई की हालत नाजुक।
फतेहपुर (उत्तर प्रदेश):
जनपद के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पिलखनी गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां घरेलू गैस सिलेंडर में लीकेज के चलते अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में महिलाएं और बच्चों समेत एक ही परिवार के 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद गांव में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सभी घायलों को आनन-फानन में स्थानीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
कमरे में फैली थी गैस, अचानक भड़कीं लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, घर में काफी देर से गैस रिसाव की गंध आ रही थी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते पूरा कमरा आग की लपटों और धुएं के गुबार से घिर गया। अंदर मौजूद लोग खुद को बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते हुए बाहर की तरफ भागे, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।
चीख-पुकार सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सबसे पहले घायलों को घर से बाहर निकाला और पानी व मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
घायलों में महिलाएं और मासूम बच्चे शामिल
इस भीषण हादसे में झुलसे लोग एक ही कुनबे के बताए जा रहे हैं। घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है:
रीता (45) पत्नी बेनी
संजय पुत्र संतोष
सोनी (9) पुत्री बेनी
कलावती (35) पत्नी संतोष
करन (26) पुत्र मुन्नालाल
साजन (17) पुत्र संतोष
सुलेखा (10) पुत्री संतोष
संगीता (25) पत्नी संजय
(इनके अलावा परिवार का एक अन्य सदस्य भी घायल है, जिसका उपचार चल रहा है।)
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कल्याणपुर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया। डॉक्टरों के मुताबिक, झुलसे हुए लोगों को बेहतर से बेहतर इलाज दिया जा रहा है, हालांकि कुछ सदस्यों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की शुरुआती जांच में गैस सिलेंडर के रेगुलेटर या पाइप से लीकेज को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग और जागरूकता की कमी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर गैस कंपनियों द्वारा सुरक्षा जांच और जागरूकता अभियान न चलाए जाने के कारण अक्सर ऐसे बड़े हादसे होते हैं। फिलहाल पिलखनी गांव में हर आंख नम है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की दुआएं कर रहे हैं।








