फतेहपुर/कानपुर। फतेहपुर जनपद की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया, जब भारतीय जनता पार्टी की जिला उपाध्यक्ष रेखा मिश्रा और उनके पति अवधेश मिश्रा के खिलाफ करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया। कानपुर के कोहना थाने में दर्ज इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।
खनन के ठेके और निवेश के नाम पर ‘खेल’
पीड़ित नारायण प्रसाद सुलतानिया द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, रेखा मिश्रा और उनके पति ने उन्हें बालू खनन का ठेका दिलाने और जमीन में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया था। आरोप है कि आरोपियों ने खुद को उत्तर प्रदेश सरकार के एक कद्दावर पूर्व मंत्री का बेहद करीबी बताकर पीड़ित का भरोसा जीता और किस्तों में लगभग 2.37 करोड़ रुपये ऐंठ लिए।
न काम हुआ, न लौटाए पैसे
पीड़ित का कहना है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें खनन का कोई ठेका मिला और न ही निवेश की गई रकम पर कोई रिटर्न मिला। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टाल-मटोल करने लगे। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
कानपुर पुलिस ने शुरू की जांच
कानपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रेखा मिश्रा और उनके पति अवधेश मिश्रा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष हमलावर, साख पर सवाल
सत्ताधारी दल की जिला उपाध्यक्ष का नाम इतने बड़े घोटाले में आने के बाद जिले की राजनीति गर्मा गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर हमलावर हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इस मामले ने न केवल आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर संगठन की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।








