फतेहपुर। जनपद में पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश और गंगा के जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पकी-पकाई गेहूं की फसल बर्बाद होने और कटरी क्षेत्र में बाढ़ से सब्जियों की फसलें डूबने के कारण किसान दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। इसी समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भूमिपुत्र) ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
सर्वे और तत्काल मुआवजे की मांग
यूनियन के जिला अध्यक्ष पवन कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी (SDM) से मुलाकात कर किसानों की पीड़ा साझा की। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्न बिंदु उठाए गए:
फसल बर्बादी: असमय वर्षा से गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुँचा है।
कटरी क्षेत्र में तबाही: गंगा नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण कद्दू, खीरा, तरबूज, ककड़ी और लौकी जैसी नकदी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
आर्थिक संकट: कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान अब भारी वित्तीय बोझ तले दब गए हैं।
चेतावनी: समाधान न हुआ तो होगा आंदोलन
किसान नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा नहीं दिया गया और फसल बीमा के लंबित दावों का निस्तारण नहीं हुआ, तो संगठन सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने को विवश होगा।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के धनंजय पटेल (कोषाध्यक्ष), लालता प्रसाद दुबे (जिला उपाध्यक्ष), प्रेम सागर मिश्र (युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष), दिलीप कुमार (वरिष्ठ महासचिव), अजीत तिवारी व अनिल कुमार (संगठन मंत्री), विपिन कुमार साहू (जिला मंत्री) और नितेश कुमार (जिला महासचिव) सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








