फतेहपुर/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक लंबा अनुभव रखने वाले और छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री अरुण कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह जी का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से कांग्रेस खेमे सहित समस्त राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शुरू हुआ था ‘सियासी सफर’
अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ जी की पहचान एक प्रखर वक्ता और जमीनी नेता के तौर पर थी। उन्होंने राजनीति की बारीकियां इलाहाबाद विश्वविद्यालय से सीखीं, जहाँ वे:
वर्ष 1968 में: छात्रसंघ उपाध्यक्ष चुने गए।
वर्ष 1971 में: छात्रसंघ अध्यक्ष बनकर अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया।
संगठन और सरकार में निभाई अहम भूमिका
वे कांग्रेस के उन गिने-चुने नेताओं में से थे जिन्होंने संगठन और सरकार, दोनों में शीर्ष पदों को सुशोभित किया। वे उत्तर प्रदेश युवक कांग्रेस और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा, उन्होंने अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में उन्होंने सहकारिता और पशुपालन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभालते हुए प्रदेश के विकास में अपना योगदान दिया।
फतेहपुर से रहा गहरा नाता
मुन्ना सिंह जी का जनपद फतेहपुर से भी गहरा पारिवारिक संबंध था। वे फतेहपुर के पूर्व विधायक अमरनाथ उर्फ अनिल सिंह जी के समधी थे। उनके निधन पर जिले के स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।








