शहर कोतवाली: जिले की कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और पुलिसिंग को हाईटेक बनाने के संकल्प के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिमन्यु मांगलिक शुक्रवार को एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने शहर कोतवाली का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान अभिलेखों के रख-रखाव में खामियां और विवेचनाओं में देरी देख एसपी ने सख्त तेवर अपनाए और संबंधित अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
मालखाने से लेकर सीसीटीएनएस तक की पड़ताल
निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना परिसर की साफ-सफाई, हवालात की सुरक्षा और मालखाने में रखे मुकदमाती माल की स्थिति को देखा। उन्होंने कार्यालय के रजिस्टरों का मिलान किया और सीसीटीएनएस (CCTNS) कक्ष में जाकर डिजिटल एंट्रीज की प्रगति जांची। अभिलेखों के रख-रखाव में मिली कमियों को जल्द सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए।
विवेचनाओं में देरी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के बाद थाना सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में एसपी का रुख काफी कड़ा रहा। उन्होंने लंबित मुकदमों और विवेचनाओं की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि:
समयबद्धता: हर मुकदमे की विवेचना निष्पक्ष और तय समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए।
डिजिटल अपडेट: पुलिस की हर कार्रवाई का रिकॉर्ड तत्काल सीसीटीएनएस पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
जवाबदेही: विवेचना की गुणवत्ता ऐसी हो जो न्यायिक प्रक्रिया में प्रभावी साबित हो। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
“थाना ही पुलिस की पहली छवि”
अधीनस्थों को कड़ा संदेश देते हुए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि आम जनता के लिए थाना पुलिस की पहली छवि होता है। उन्होंने गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखने और फरियादियों के साथ शालीन व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरियादियों को न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसे सुनिश्चित करना थाना प्रभारी की सीधी जिम्मेदारी होगी।








