कानपुर | ब्यूरो चीफ, राहुल द्विवेदी
औद्योगिक नगरी कानपुर सोमवार को पूरी तरह भगवा रंग में सराबोर नजर आई। तीन राज्यों के चुनावी रुझानों और पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदर्शन से उत्साहित कार्यकर्ताओं ने शहर भर में विजय उत्सव मनाया। ढोल-नगाड़ों की थाप और केसरिया गुलाल के बीच इस जश्न का सबसे अनूठा आकर्षण रहा बंगाल का प्रसिद्ध व्यंजन ‘झालमुड़ी’, जिसे कार्यकर्ताओं ने जीत के प्रतीक के रूप में आम जनता के बीच बांटा।
नगर निगम में महापौर का शक्ति प्रदर्शन
जश्न की कमान खुद महापौर प्रमिला पांडेय ने संभाली। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महापौर ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया और विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने नया नारा देते हुए कहा— “4 मई, दीदी गई”।
महापौर ने कहा कि यह जीत सुशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता की मुहर है। उन्होंने अपने हाथों से कार्यकर्ताओं को झालमुड़ी खिलाकर संदेश दिया कि बंगाल की संस्कृति अब तुष्टीकरण से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ रही है।
गोविंदनगर से नवीन मार्केट तक विजय घोष
शहर के विभिन्न इलाकों में भाजपा नेताओं ने अपनी ताकत दिखाई:
विजय यात्रा: गोविंदनगर में राजेश खन्ना, सुनील नारंग और राहुल बघेल के नेतृत्व में भव्य विजय यात्रा निकाली गई।
चावला मार्केट: यहाँ ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यकर्ताओं ने जमकर नृत्य किया।
क्षेत्रीय विस्तार: शाम होते-होते नवीन मार्केट, स्वरूप नगर और किदवई नगर जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र पटाखों की गूंज से भर गए।
पोस्टर वॉर: विपक्ष पर सीधा हमला
सड़कों पर लगे पोस्टरों ने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन पोस्टरों पर “नारी शक्ति का आक्रोश, इंडी गठबंधन बेहोश” जैसे स्लोगन लिखे थे, जो सीधे तौर पर विपक्षी एकता पर कटाक्ष कर रहे थे। भाजपा नेताओं का मानना है कि इन नतीजों ने विपक्ष के नैरेटिव को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
सियासी मायने: क्यों बांटी गई झालमुड़ी?
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, कानपुर में झालमुड़ी बांटने के पीछे एक सोची-समझी रणनीति है:
सांस्कृतिक जुड़ाव: बंगाल की संस्कृति से सीधे जुड़ाव दिखाना।
बंगाली वोट बैंक: कानपुर में निवास करने वाले बंगाली समुदाय के बीच अपनी पैठ मजबूत करना।
प्रतीकात्मक जीत: यह दर्शाना कि भाजपा अब बंगाल के घर-घर और स्वाद तक पहुँच चुकी है।
मिशन 2027 की आहट
कानपुर का यह उत्साह केवल मौजूदा जीत तक सीमित नहीं है। कार्यकर्ताओं का जोश बता रहा है कि भाजपा ने अभी से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है।
“यह सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि आगामी चुनावों के लिए विपक्ष को दी गई कड़ी चेतावनी है।” – स्थानीय भाजपा नेता








