फतेहपुर (उत्तर प्रदेश):
जनपद के थाना सुल्तानपुर घोष क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों द्वारा एक भाजपा बूथ अध्यक्ष के घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने न सिर्फ घर में तोड़फोड़ की, बल्कि बीच-बचाव करने आई एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ भी बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार ने अब जिला पुलिस कप्तान (एसपी) से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में रहने वाले भाजपा बूथ अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मणि मिश्रा का गांव के ही अनुज सिंह नामक युवक के साथ पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अनुज सिंह लगातार उनके साथ गाली-गलौज करता था, रास्ता रोकता था और फोन पर भी जान से मारने की धमकियां देता था।
अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पीड़ित ज्ञानेंद्र मणि मिश्रा ने बीते 18 मई 2026 को स्थानीय सुल्तानपुर घोष थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने समय रहते इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
शिकायत से भड़के दबंगों ने सुबह 8 बजे बोला धावा
थाने में शिकायत किए जाने से नाराज होकर आरोपी अनुज सिंह ने अगले ही दिन कानून को अपने हाथ में ले लिया। 19 मई की सुबह करीब 8 बजे अनुज सिंह अपने साथ 10-12 अज्ञात साथियों को लेकर, जो लाठी-डंडों से लैस थे, पीड़ित के घर आ धमका। आरोपी घर के बाहर खड़े होकर अंधाधुंध गाली-गलौज करने लगे।
जब परिवार के सदस्य समेंद्र की 70 वर्षीय नानी मालती देवी ने इस अभद्रता का विरोध किया, तो दबंगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आरोपी जबरन घर के भीतर घुस गए और बुजुर्ग महिला मालती देवी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दबंगों ने घर के भीतर जमकर तोड़फोड़ की और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
यूपी-112 और स्थानीय पुलिस पर लापरवाही के आरोप
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पीड़ित पक्ष ने तुरंत यूपी-112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने मौके पर पहुंचने या आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने में ढीली कार्यशैली अपनाई। पीड़ित का कहना है कि अगर 18 मई को दी गई शिकायत पर ही पुलिस सख्त एक्शन ले लेती, तो शायद 19 मई की सुबह यह वारदात न होती।
बड़ा सवाल: क्या स्थानीय पुलिस की सुस्ती और शिकायत के बाद भी समय पर कार्रवाई न होना अपराधियों के हौसले बुलंद कर रहा है? ग्रामीण इलाकों में जमीनी विवादों में बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए आखिर पुलिस तत्काल मुस्तैदी क्यों नहीं दिखाती?
मामले की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सुल्तानपुर घोष थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपों की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच करने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








