– कानपुर ब्यूरो चीफ, राहुल द्विवेदी की रिपोर्ट
आईवीएन (IVN) ब्यूरो
उत्तर प्रदेश की कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अशोक नगर निवासी सरदार मोहकम सिंह के साथ हुई 1 करोड़ 27 लाख रुपये की सनसनीखेज साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एक मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के पालघर से गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए वहां सरदार का भेष बदलकर रह रहा था। इस पूरे खेल के पीछे दो नाइजीरियन मास्टरमाइंड का हाथ होने की बात सामने आई है, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
सिम स्वैपिंग के जरिए उड़ाए थे 1.27 करोड़ रुपये
मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि 23 अगस्त 2025 को पीड़ित मोहकम सिंह के बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने सिम स्वैपिंग (Sim Swapping) तकनीक का इस्तेमाल कर बेहद शातिराना तरीके से 1.27 करोड़ रुपये पार कर दिए थे। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।
सरदार के भेष में छुपा था आरोपी मेराज अंसारी
तकनीकी विश्लेषण और सुरागों के आधार पर कानपुर साइबर सेल ने महाराष्ट्र के पालघर में छापेमारी कर मेराज अंसारी नाम के आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तारी से बचने के लिए मेराज वहां अपनी पहचान छुपाकर सरदार के भेष में रह रहा था।
पूछताछ में मेराज ने कबूला कि वह अपने साथी अरशद अंसारी और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी नामों से बैंक खाते खुलवाता था। इन्हीं फर्जी खातों में ठगी की मोटी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस इस मामले के एक और आरोपी अरशद अंसारी को पहले ही मेरठ से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
ठगी की रकम से खरीदा गया था सोना
डीसीपी क्राइम के मुताबिक, ठगी गई रकम में से करीब 54 लाख रुपये का सोना खरीदा गया था। इसमें से 15 तोला सोना अरशद अंसारी को हिस्सा पट्टी के तौर पर दिया गया था, जबकि बाकी का सोना चंदू नाम का एक अन्य आरोपी मुंबई लेकर फरार हो गया। पुलिस अब चंदू और सोने की बरामदगी के लिए जाल बिछा रही है।
राहत की खबर: पुलिस की मुस्तैदी के चलते अब तक पीड़ित सरदार मोहकम सिंह के करीब 72 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में फ्रीज कराकर उन्हें वापस दिलाए जा चुके हैं। बाकी की रकम रिकवर करने के प्रयास जारी हैं।
नाइजीरियन कनेक्शन से हिली पुलिस, ट्रांजिट रिमांड पर आ रहा आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिम स्वैपिंग और इस इंटरनेशनल सिंडिकेट को ऑपरेट करने के पीछे दो नाइजीरियन नागरिकों का मुख्य हाथ है। पुलिस की टीमें उनकी धरपकड़ के लिए लगातार लोकेशन ट्रेस कर रही हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी मेराज अंसारी को मुंबई से ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया जा रहा है, जिससे पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम:
इस बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर रैकेट का भंडाफोड़ करने में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक सतीश यादव, उपनिरीक्षक पुनीत तोमर, मुख्य आरक्षी शरीफ खान, आरक्षी सौरभ पांडेय और आरक्षी नितिन की सराहनीय भूमिका रही।








