फतेहपुर: दलित पीड़ित ने सीओ पर लगाया अपमान का आरोप, न्याय के लिए जिलाधिकारी से लगाई गुहार

 

मारपीट और लूट के मामले में कार्रवाई न होने और उल्टा अपमानित करने का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल।

फतेहपुर।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद से पुलिस कार्यशैली और संवेदनशीलता को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक दलित दुकानदार (पीड़ित) ने सदर क्षेत्राधिकारी (CO) प्रमोद शुक्ला पर कार्यालय में बुलाकर अपमानजनक टिप्पणी करने और दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित ब्रजेश के अनुसार, कुछ समय पहले उसके साथ गंभीर मारपीट की गई थी, जिसमें उसकी सोने की चेन और नकदी भी लूट ली गई थी। इस मामले में एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट और लूट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीड़ित का आरोप है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार उसकी दुकान पर आकर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। जान से मारने की धमकियों के कारण पूरा पीड़ित परिवार इस समय डर के साये में जीने को मजबूर है।

सीओ कार्यालय में अपमान का आरोप

पीड़ित ब्रजेश का कहना है कि जब वह आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की उम्मीद लेकर सदर क्षेत्राधिकारी (CO) के कार्यालय पहुंचा, तो वहाँ उसे सांत्वना मिलने के बजाय कथित रूप से अपमानित किया गया। पीड़ित का दावा है कि क्षेत्राधिकारी ने उस पर तंज कसते हुए कहा:

“क्या तुम्हारे खानदान में किसी ने सोने की चेन पहनी है?”

इस कथित बयान के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है।

प्रशासनिक छवि पर उठे सवाल

एक तरफ जहाँ जनपद में पुलिस अधीक्षक (SP) अभिमन्यु मांगलिक की कार्यशैली और निष्पक्षता को लेकर आम जनता में सकारात्मक चर्चाएं हैं, वहीं उनके अधीनस्थ अधिकारी पर लगे इन गंभीर आरोपों ने पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित किया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि एससी-एसटी एक्ट जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस अधिकारियों से अत्यंत संतुलित, संवेदनशील और मर्यादित आचरण की अपेक्षा की जाती है।

जिलाधिकारी से न्याय और सुरक्षा की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने जिलाधिकारी (DM) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। पत्र के माध्यम से पीड़ित ने पूरे मामले की किसी उच्चाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने, फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर पुलिस और प्रशासनिक स्तर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

⚠️ नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पीड़ित पक्ष द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। जांच के बाद ही सच सामने आ सकेगा।

India Varta News
Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

Leave a Comment