रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, ब्यूरो चीफ (कानपुर)
कानपुर/लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से शुक्रवार को एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कानपुर में सत्ताधारी दल की कथित अराजकता और उसे मिल रहे प्रशासनिक संरक्षण के गंभीर मुद्दे को उनके समक्ष प्रमुखता से उठाया। सपा प्रमुख ने आंदोलन की सराहना करते हुए इसे अपना पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
शहर की प्रशासनिक और राजनीतिक स्थितियों से कराया अवगत
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कानपुर की वर्तमान राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में लोकतांत्रिक मूल्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है। इसी तानाशाही और प्रशासनिक पक्षपात के विरोध में कानपुर में गांधीवादी विचारधारा के तहत शांतिपूर्ण ‘सत्याग्रह’ आंदोलन चलाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने दी शाबाशी, सहयोग का दिया भरोसा
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन की जमकर सराहना की। उन्होंने आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें शाबाशी दी।
सपा प्रमुख का मुख्य वक्तव्य:
“लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना जनता का मौलिक अधिकार है। कानपुर में गांधीवादी तरीके से चलाया जा रहा यह सत्याग्रह एक बेहद सकारात्मक और सराहनीय पहल है। इस लोकतांत्रिक संघर्ष में समाजवादी पार्टी हर कदम पर आंदोलनकारियों के साथ है और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।”
कार्यकर्ताओं में उत्साह, आगामी रणनीति के लिए मुलाकात अहम
सपा नेतृत्व से मजबूत समर्थन और आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने साफ तौर पर कहा कि जनहित और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका यह संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
राजनीतिक गलियारों और जानकारों के बीच इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सपा प्रमुख के इस रुख के बाद कानपुर में चल रहा यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक धार पकड़ सकता है।








