जमीन विवाद में 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत से हथगाम में उबाल; पीड़ित बेटी ने पांच पड़ोसियों के खिलाफ दी तहरीर
फतेहपुर (हथगाम)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ग्रामीण इलाकों के भूमि विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला हथगाम थाना क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर (मजरे नवाबगंज) गांव से सामने आया है, जहाँ शनिवार सुबह जमीन के एक टुकड़े को लेकर दो पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस मारपीट के बाद 65 वर्षीय खाद विक्रेता कृष्णकुमार उर्फ कल्लू गुप्त की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और पीड़ित परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
चश्मदीदों और परिजनों के अनुसार, शनिवार की सुबह मामूली बात से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि पड़ोसी जवाहर गुप्त और उसके बेटों ने लामबंद होकर कृष्णकुमार उर्फ कल्लू गुप्त पर हमला बोल दिया।
पीड़ित परिवार का दावा है कि दबंगों द्वारा बुजुर्ग के सीने पर ताबड़तोड़ कई वार किए गए, जिससे मौके पर ही उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने का समय भी नहीं मिला।
बेटी की दोटूक— “यह सीधा मर्डर है”
मृतक की पुत्री प्राची ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी को नकारते हुए पड़ोसी जवाहर गुप्त और उसके बेटों समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। प्राची का कहना है कि यह अचानक हुआ विवाद नहीं था, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत उसके पिता को निशाना बनाया गया। घटना के बाद से पत्नी रीना, बेटी रानू, रोशनी और प्राची का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की थ्योरी: सदमा या साजिश?
इस संवेदनशील मामले पर थाना प्रभारी अरुण चतुर्वेदी का कहना है कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। उन्होंने बताया:
“तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विवाद के दौरान अत्यधिक तनाव या सदमा (Shock) लगने की वजह से हृदयगति रुकने (हार्ट अटैक) से मौत हुई होगी। हालांकि, पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आते ही स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।”








