परिसर में मांस मिलने से फैला था तनाव, SP ने वीडियो जारी कर अफवाहों पर लगाया विराम
शरारती तत्व नहीं, आवारा कुत्ता लेकर पहुंचा था सामग्री; पुलिस की तत्परता से टला बड़ा विवाद
फतेहपुर।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर शहर के चौक बाजार स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में संदिग्ध मांस मिलने की घटना के बाद उत्पन्न हुआ तनाव पुलिस की त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई से शांत हो गया है। प्रारंभिक आशंकाओं और अफवाहों के विपरीत, पुलिस जांच में यह पूरी तरह साफ हो गया है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत नहीं थी, बल्कि एक आवारा कुत्ता सामग्री को मुंह में दबाकर मंदिर परिसर में ले गया था। पुलिस अधीक्षक ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के तथ्य सार्वजनिक कर दिए हैं।
घटना के बाद बाजार में बढ़ गई थी हलचल
जानकारी के अनुसार, हनुमान मंदिर परिसर में बकरे का मांस और सिर जैसी सामग्री मिलने की सूचना जैसे ही फैली, स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। संवेदनशील इलाका होने के कारण कुछ ही समय में चौक बाजार में हलचल बढ़ गई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कई व्यापारियों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं और मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताने लगे।
40 कैमरों की फुटेज खंगालने पर हुआ बड़ा खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर कोतवाल हेमंत कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयम बरतने की अपील की।
इसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तफ्तीश शुरू की और मंदिर व आसपास के रास्तों पर लगे लगभग 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण फुटेज लगी, जिसने पूरे मामले की तस्वीर साफ कर दी। इस फुटेज में एक आवारा कुत्ता मांस का टुकड़ा मुंह में दबाकर मंदिर की दिशा में जाता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।
SP ने वीडियो साझा कर अफवाह न फैलाने की अपील की
“मामले को महज एक घंटे के भीतर स्पष्ट कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से यह प्रमाणित हो चुका है कि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग करने का प्रयास नहीं किया गया था।”
— अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक (SP), फतेहपुर
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही विभिन्न भ्रामक सूचनाओं और अटकलों का खंडन किया। उन्होंने संबंधित सीसीटीवी वीडियो को आधिकारिक तौर पर साझा करते हुए जनता से अपील की कि संवेदनशील मामलों में बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं।
प्रशासनिक सतर्कता की मिसाल
फतेहपुर का यह घटनाक्रम यह साबित करता है कि संवेदनशील परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित जांच और सही सूचना का समय पर प्रसार कितना महत्वपूर्ण है। पुलिस प्रशासन की सक्रियता और पारदर्शी रवैये के कारण एक बड़ा संभावित सांप्रदायिक विवाद समय रहते टल गया, जिसकी स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग और व्यापारियों द्वारा भी सराहना की जा रही है।








