लोकेशन: फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)
दिनांक: 30 मई 2026
फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कांशीराम कॉलोनी में दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा आपसी विवाद आखिरकार खूनी संघर्ष में बदल गया। बीते 27 मई को दोनों पक्षों के बीच जमकर गाली-गलौज, धमकी और लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोगों को चोटें आई हैं। इस मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अब कानून का शिकंजा कस गया है। पुलिस ने 3 महिलाओं सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
27 मई की दोपहर को हुआ था तांडव
पुलिस जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कांशीराम कॉलोनी में आमने-सामने रहने वाले इन दोनों परिवारों में काफी समय से तनातनी चल रही थी। 27 मई 2026 की दोपहर करीब 2:30 बजे घर आने-जाने और व्यक्तिगत व्यवहार को लेकर दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे निकल आए। इस हिंसक झड़प में दोनों ही पक्षों के लोग घायल हुए हैं।
जांच के दौरान दोबारा भिड़ गए दोनों पक्ष
घटना की शिकायत मिलने पर जेल रोड चौकी के उपनिरीक्षक (SI) गिरीश दुबे अपनी टीम के साथ शिकायतकर्ता सुरेश चौधरी के प्रार्थना पत्र की जांच करने मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने दोनों पक्षों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ की। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि जब पुलिस जांच कर वापस लौट रही थी, तभी सूचना मिली कि दोनों पक्ष पुलिस की मौजूदगी के बाद भी दोबारा आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे। हालांकि, जब तक पुलिस दोबारा मौके पर पहुंचती, आरोपी वहां से हट चुके थे।
कॉलोनी में तनाव और भय का माहौल
इस लगातार हो रहे बवाल के कारण कांशीराम कॉलोनी के आम निवासियों में असुरक्षा और भारी तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि आए दिन होने वाले इस विवाद के कारण पूरी कॉलोनी की शांति भंग हो चुकी है और लोग भयभीत हैं।
इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक गिरीश दुबे की रिपोर्ट और संस्तुति के आधार पर पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 8 आरोपियों (जिसमें 3 महिलाएं शामिल हैं) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सीएलए एक्ट की निम्नलिखित गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है:
धारा 191(2) BNS (दंगा/बलवा करना)
धारा 115(2) BNS (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना)
धारा 352 BNS (शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करना)
धारा 351(2) BNS (अपराधिक धमकी देना)
7 सीएलए (CLA) एक्ट (क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट)
अधिकारियों का बयान:
“मामले की निष्पक्षता से जांच की गई है। कानून व्यवस्था को हाथ में लेने और इलाके का माहौल खराब करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।”








