कानपुर ब्यूरो रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी
कानपुर। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के बाद सबक लेते हुए कानपुर प्रशासन ने शहर में सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) दीपक शर्मा के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाकर शहर के 20 प्रतिष्ठित होटलों और रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी की जांच की। इस औचक निरीक्षण में सुरक्षा व्यवस्थाओं में भारी खामियां पाई गई हैं।
नियमों की खुली अनदेखी
पुलिस आयुक्त के विशेष निर्देश पर 5 जून को चलाए गए इस अभियान के दौरान ‘अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली 2022’ और ‘अधिनियम 2024’ के तहत जांच की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कई बड़े प्रतिष्ठान सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं और मानकों के अनुरूप उपकरण नहीं लगा रखे हैं।
नोटिस और अगली कानूनी प्रक्रिया
CFO दीपक शर्मा ने बताया कि जिन 20 प्रतिष्ठानों में खामियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। विभाग ने इस लापरवाही के खिलाफ कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है:
- लाइसेंस पर कार्यवाही: जिला पर्यटक अधिकारी को अवगत कराया जा रहा है ताकि लाइसेंस रद्द करने या अन्य आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।
- भवनों की जांच: कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) को पत्र लिखकर भवन संबंधी विधिक जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।
इन प्रमुख संस्थानों में हुई जांच
इस अभियान के तहत होटल रिजेंटा, रॉयल क्लिफ, होटल प्रिस्टिन, विजय इंटरकांटिनेंटल, द लैंडमार्क, मोंका रेस्टोरेंट, के.डी. पैलेस और होटल प्रियदर्शन सहित कुल 20 स्थानों पर चेकिंग की गई।
CFO दीपक शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर के नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।








