कानपुर: शहर के पश्चिमी जोन स्थित पनकी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। आरटीओ द्वारा सीज कर थाने की सुपुर्दगी में खड़ा किया गया एक डंपर पुलिस की कड़ी पहरेदारी के बीच से ही गायब हो गया। इस घटना ने थाने की सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, आरटीओ विंध्याचल गुप्ता ने शनिवार सुबह करीब 7 बजे अवैध तरीके से चल रहे एक डंपर को सीज कर उसे पनकी थाने में खड़ा कराया था। आरोप है कि कुछ ही समय बाद, चालक या वाहन स्वामी ने किसी की मिलीभगत या पुलिस की घोर लापरवाही का फायदा उठाया और सीज डंपर को थाने परिसर से ही लेकर फरार हो गए।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
थाने से सीज वाहन के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने थाने और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए, जिसके बाद कड़ी मशक्कत करते हुए अगले दिन शाम को उक्त डंपर को बिधनू क्षेत्र से बरामद कर लिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
डंपर बरामद होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि आखिर थाने जैसी अति सुरक्षित जगह से कोई सीज वाहन बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया या रिलीव अनुमति के कैसे निकल गया?
किसके संरक्षण में हुआ यह खेल? घटना के बाद से पुलिस की पैहरा ड्यूटी और थाने की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
अधिकारियों की भूमिका: क्या इस लापरवाही में थाने के किसी जिम्मेदार कर्मी की मिलीभगत है? यह अभी भी जांच का विषय है।
क्या बोले अधिकारी?
इस पूरे प्रकरण पर एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि, “घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और जिम्मेदार लोग सामने आएंगे, उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
यह घटना न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के लिए भी काफी है। फिलहाल, क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।








