फतेहपुर में सरकारी जमीन का ‘महाघोटाला’: 42 बीघा भूमि हेराफेरी मामले में मचा हड़कंप, एडीएम ने दिए जांच के आदेश

 

बिंदकी (फतेहपुर): जिले की बिंदकी तहसील में सरकारी भूमि के कथित अनियमित आवंटन और राजस्व अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये की लगभग 42 बीघा सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराने के इस मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मामले ने तूल पकड़ा, तो एडीएम (राजस्व एवं वित्त) विनय पांडेय ने जांच के आदेश देकर दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

क्या है पूरा घोटाला?

आरोप है कि राजस्व विभाग के एक लेखपाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रखकर सरकारी जमीनों को खुर्द-बुर्द कर दिया। मामला दो प्रमुख गांवों से जुड़ा है:

अभयपुर (20 बीघा जमीन): ग्राम प्रधान रामदास निषाद का आरोप है कि 2023 में 20 बीघा नवीन परती भूमि का पट्टा बिना किसी खुली बैठक और कानूनी प्रक्रिया के निजी व्यक्तियों के नाम आवंटित कर दिया गया। जब प्रशासन स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, तो प्रधान को इंसाफ के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

थानपुर (22 बीघा जमीन): ग्रामीणों का आरोप है कि यहां 22 बीघा एहतमाली भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में बिना किसी वैधानिक आदेश के हेरफेर की गई और भूमि को कुछ रसूखदार लोगों के नाम पर चढ़ा दिया गया।

ग्रामीणों में आक्रोश: ‘सरकारी संपत्ति पर डाका’

दोनों गांवों के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति है। यदि प्रशासन ने समय रहते दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो इसे एक बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।

प्रशासन की चेतावनी: जांच के घेरे में लेखपाल

अपर जिलाधिकारी विनय पांडेय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा है:

“सभी संबंधित राजस्व अभिलेखों और आवंटन प्रक्रिया की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में यदि किसी भी अधिकारी या व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।”

IVN विश्लेषण: क्या कार्रवाई तक सीमित रहेगी जांच?

सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और कागजों में हेराफेरी फतेहपुर के लिए कोई नई बात नहीं है, लेकिन 42 बीघा का यह घोटाला प्रशासन की पारदर्शिता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब सवाल यह है कि क्या जांच रिपोर्ट महज फाइलों में दबेगी या दोषियों को जेल की हवा खिलाकर सरकारी जमीन पुनः ग्राम सभा के खाते में दर्ज कराई जाएगी?

India Varta News
Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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