खागा (फतेहपुर)। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बन रही सड़क के निर्माण को लेकर मोहम्मदपुर गौंती गाँव में विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में मानक के विपरीत कार्य करने और चौड़ाई कम रखने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण न हटाए जाने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है विवाद की जड़?
मोहम्मदपुर गौंती से एकौनागढ़ तक लगभग 8.5 किलोमीटर की सड़क का निर्माण (पैकेज संख्या: UP25159MRL7) प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि सर्वे के दौरान सड़क की चौड़ाई 5.5 मीटर तय की गई थी, जिसके लिए कई ग्रामीणों ने स्वेच्छा से अपने चबूतरे और दीवारों को हटाकर सहयोग भी किया। लेकिन अब आरोप है कि निर्माण कार्य में चौड़ाई को घटाकर 3.5 मीटर किया जा रहा है।
ग्रामीणों की चिंता: भविष्य में होगी आवाजाही की समस्या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सड़क गंगा किनारे बसे करीब डेढ़ दर्जन गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार:
सड़क संकरी होने से एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य बड़े वाहनों का गुजरना मुश्किल होगा।
बरसात के समय यही मार्ग लोगों की ‘लाइफलाइन’ का काम करता है, अतः मानकों से समझौता करना भविष्य के लिए बड़ी समस्या बन सकता है।
विभाग का पक्ष
दूसरी ओर, जूनियर इंजीनियर (JE) नरेंद्र कुमार गुप्ता ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य नागेश्वर धाम होते हुए एकौनागढ़ तक चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
निर्माण कार्य में देरी का मुख्य कारण कुछ ग्रामीणों द्वारा अपने मकानों के हिस्से (सहन, चबूतरे और दीवारें) न हटाना है।
इस परियोजना में मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है, जिसके चलते लोग अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। विभाग ने इस समस्या से प्रशासन को अवगत करा दिया है।
प्रशासनिक जांच की आस
फिलहाल, सड़क की गुणवत्ता और चौड़ाई को लेकर ग्रामीणों और विभाग के दावों में विरोधाभास है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब पूरा मामला जिलाधिकारी के पाले में है, जहाँ ग्रामीणों को एक निष्पक्ष जांच और उचित समाधान की उम्मीद है।








