असोथर के मुराईन मोहल्ले में बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा, तेज रफ्तार भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग; मौके पर पहुंची पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक
असोथर/फतेहपुर। सड़कों पर उड़ती धूल, तेज रफ्तार से गुजरते भारी वाहन और हादसों का बढ़ता खतरा… इन समस्याओं को लेकर फतेहपुर के असोथर क्षेत्र में ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर दिखाई दिया। कठौता-असोथर मार्ग पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। अचानक हुए इस विरोध से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और मौके पर हलचल मच गई।
धूल के गुबार ने बढ़ाई परेशानी, भारी वाहनों की रफ्तार पर सवाल
मामला नगर पंचायत असोथर के वार्ड नंबर 8 स्थित मुराईन मोहल्ले का है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग से लगातार भारी ट्रकों का आवागमन हो रहा है। ट्रकों की तेज रफ्तार के कारण सड़क पर धूल का गुबार उठता है, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, समस्या केवल धूल तक सीमित नहीं है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले ट्रकों के कारण सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वाहनों की गति पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
सड़क पर उतरे ग्रामीण, व्यवस्था के खिलाफ जताई नाराजगी
लगातार बनी समस्या से नाराज ग्रामीणों ने कठौता-असोथर मार्ग पर एकजुट होकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने साफ संदेश दिया कि स्थानीय आबादी की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जाम की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
अब जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही पर सवाल
इस घटनाक्रम ने भारी वाहनों के संचालन, सड़क पर धूल नियंत्रण और यातायात निगरानी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि मार्ग पर भारी वाहनों की गति निर्धारित सीमा में रखी जाए, धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए और जरूरत के अनुसार यातायात नियंत्रण की व्यवस्था लागू हो।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग जागेंगे? क्या ग्रामीणों को धूल और तेज रफ्तार ट्रकों की समस्या से स्थायी राहत मिल पाएगी?
फिलहाल कठौता-असोथर मार्ग का यह मामला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। अब निगाहें संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और ग्रामीणों को मिलने वाली राहत पर टिकी हैं।








