तिंदवारी (बांदा): एक तरफ कुदरत की मार और दूसरी तरफ सिस्टम की बेरुखी ने अन्नदाता को दाने-दाने के लिए मोहताज कर दिया है। जनपद के तिंदवारी थाना क्षेत्र के मुंगुस गांव में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी भीषण आग ने एक किसान के अरमानों को जलाकर राख कर दिया। लगभग 25 बीघा में खड़ी तैयार फसल चंद घंटों में धुएं में तब्दील हो गई।
फायर ब्रिगेड का इंतजार और ग्रामीणों का संघर्ष
आग लगते ही खेत के मालिक और ग्रामीणों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ी मौके पर समय से नहीं पहुंच सकी। जब सरकारी मदद की उम्मीद टूट गई, तो ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाला। गांव के लोगों ने बाल्टियों से पानी डाल-डालकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था।
किसान की टूटी कमर: ओलों से बची थी फसल
पीड़ित किसान ने बताया कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कहर के बावजूद किसी तरह उसकी थोड़ी बहुत फसल बच गई थी। किसान को उम्मीद थी कि इस फसल से वह साल भर का गुजारा कर लेगा, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही (शॉर्ट सर्किट) ने उसकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
भुखमरी की कगार पर परिवार, प्रशासन से गुहार
इस अग्निकांड के बाद किसान का परिवार दाने-दाने को तरस रहा है। किसान की दयनीय हालत देख ग्रामीणों में रोष है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि:
तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए।
ढीले बिजली के तारों और शॉर्ट सर्किट की समस्या का स्थाई समाधान हो।
दमकल विभाग की सुस्ती की जांच हो ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
निष्कर्ष: खेत में बची राख की ढेरी अब प्रशासन से इंसाफ मांग रही है। देखना यह है कि क्या सरकारी मदद उस किसान की दहलीज तक समय पर पहुँच पाती है या उसे केवल आश्वासनों से ही पेट भरना पड़ेगा।








