फतेहपुर/कानपुर: सांसद नरेश उत्तम पटेल के आवास पर बीते दिनों हुए हंगामे के विरोध में समाजवादी पार्टी अब पूरी तरह से लामबंद हो गई है। सोमवार को फतेहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
क्या है पूरा विवाद?
घटना की शुरुआत 18 अप्रैल को कानपुर नगर में हुई। आरोप है कि जब सांसद नरेश उत्तम पटेल लोकसभा की कार्यवाही में शामिल होने के कारण घर पर मौजूद नहीं थे, तब प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके आवास पर धावा बोल दिया।
अभद्रता का आरोप: प्रदर्शनकारियों ने न केवल गेट पर धक्का-मुक्की की, बल्कि घर में मौजूद सांसद की पत्नी के साथ भी कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
पुलिस की भूमिका पर सवाल: सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने में लापरवाही बरती गई, जिससे परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।
कलेक्ट्रेट में गूंजे नारे, प्रशासन को दी चेतावनी
फतेहपुर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन बताया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि के परिवार को निशाना बनाना कायरतापूर्ण कृत्य है।
सपा नेताओं की प्रमुख मांगें:
घटना की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
आवास पर हंगामा करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
जनप्रतिनिधियों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सपा नेताओं ने प्रशासन को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर बड़े आंदोलन के लिए विवश होगी। इस घटना के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।








