धाता (फतेहपुर)। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने धाता नगर पंचायत की जनसमस्याओं को लेकर हुंकार भरी। सोमवार को कारीकान धाता में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नगर की बदहाल व्यवस्थाओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का स्पष्ट कहना है कि अब उन्हें केवल ‘आश्वासन’ नहीं बल्कि धरातल पर ‘काम’ चाहिए।
आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए: भाकियू
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के नेताओं ने कहा कि लंबे समय से अधिकारी मांगों को अनसुना कर रहे हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया जाता है, लेकिन कार्य शून्य है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इन प्रमुख मांगों को लेकर अड़े किसान:
यूनियन ने नगर पंचायत और प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
अवैध कब्जे पर कार्रवाई: वार्ड नंबर 7 (तिलक नगर) में साल 2024 से जारी अवैध कब्जे को तत्काल हटाया जाए। शिकायतकर्ताओं को मिल रही धमकियों पर रोक लगे।
स्मार्ट मीटर का विरोध: किसानों ने स्मार्ट मीटर हटाए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि बिना जानकारी दिए मीटर न लगाए जाएं।
गेहूं क्रय केंद्र: किसानों की सुविधा के लिए धाता में ही गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किया जाए।
बुनियादी ढांचा: टूटी-फूटी सड़कों का निर्माण हो और खाली कराई गई जमीन के सामने इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाए।
स्ट्रीट लाइट और पेयजल: खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराया जाए और जो हैंडपंप काफी समय से बंद पड़े हैं, उन्हें तत्काल सुधारा जाए।
पर्यावरण संरक्षण: क्षेत्र में हो रहे पेड़ों के अवैध कटान पर प्रशासन सख्ती से रोक लगाए।
जनता की सुरक्षा की मांग
यूनियन ने आरोप लगाया कि जब भी कोई नागरिक जनहित की समस्याओं को लेकर प्रार्थना पत्र देता है, तो उसे डराया-धमकाया जाता है। किसानों ने मांग की कि प्रशासन ऐसी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और पारदर्शी तरीके से विकास कार्य कराए।
इस दौरान भारी संख्या में किसान और स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहे। खबर लिखे जाने तक किसानों का धरना जारी था और वे जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे।








