फतेहपुर। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने विकास खंड क्षेत्र के रारा गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में साफ-सफाई की व्यवस्था मानक के अनुरूप न मिलने और गौवंशों के चारे-पानी में लापरवाही बरते जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ड्यूटी में शिथिलता बरतने पर खंड विकास अधिकारी (BDO) और संबंधित पंचायत सचिव का तत्काल स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाही पर सख्त रुख
डीएम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि गौशाला में स्वच्छता का अभाव है और गौवंशों को समय पर भूसा व हरा चारा उपलब्ध कराने में कोताही बरती जा रही है। उन्होंने पंचायत सचिव को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गुणवत्तापूर्ण पशुआहार न मिलने से किसी भी गौवंश को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हुई, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सचिव की होगी।
सुरक्षा के लिए लगेंगे CCTV कैमरे
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला की सुरक्षा और निगरानी को पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैमरे ऐसे स्थानों पर लगाए जाएं जहाँ से पूरी गौशाला की कवरेज हो सके और साथ ही कैमरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
गौवंश व कर्मचारी: बीडीओ ने जानकारी दी कि गौशाला में कुल 450 गौवंश हैं, जिनकी देखरेख के लिए सफाई कर्मी और केयरटेकर सहित 13 कर्मचारी तैनात हैं।
हरा चारा: बताया गया कि 14 बीघे में हरा चारा और 2 बीघे में नेपियर घास की बुआई की गई है।
रजिस्टरों की जांच: डीएम ने गौवंश रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, और भ्रमण रजिस्टर का बारीकी से अवलोकन किया और अभिलेखों में गुणात्मक सुधार के निर्देश दिए।
वर्मी कंपोस्ट: खाद के बेहतर प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में वर्मी कंपोस्ट किट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
श्रेणीवार प्रबंधन: डीएम ने सुझाव दिया कि गौवंशों को उनकी श्रेणी के अनुसार अलग-अलग चिन्हित कर चारा दिया जाए, ताकि कमजोर पशुओं को भी पर्याप्त आहार मिल सके।
चिकित्सकों को संवेदनशीलता बरतने की हिदायत
मौके पर मौजूद वेटनरी डॉक्टर से कार्यों की जानकारी लेते हुए डीएम ने निर्देशित किया कि पशुओं के टीकाकरण और उपचार में पूरी संवेदनशीलता बरतें। उन्होंने दान में आए भूसे को भी सुरक्षित स्थान पर रखने की बात कही।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पवन कुमार मीना सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।








