कानपुर में 125 करोड़ के महा-साइबर घोटाले का पर्दाफाश: ट्रस्ट खातों के जरिए चीन और कंबोडिया भेजा जा रहा था पैसा

ब्यूरो रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, कानपुर।

कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में साइबर अपराधियों के एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का खुलासा हुआ है जिसने पुलिस और जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। बर्रा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त जांच में 125 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया है। इस नेटवर्क के तार सीधे तौर पर चीन, कंबोडिया और इंडोनेशिया जैसे देशों से जुड़े होने के सबूत मिले हैं।

ट्रस्ट खातों को बनाया ‘सुरक्षित कवच’

जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह आया है कि ठगों ने पैसे के लेन-देन के लिए विभिन्न राज्यों के ट्रस्टों (Trust Accounts) को निशाना बनाया।

अकेले कर्नाटक के एक ट्रस्ट खाते से 30 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया।

महाराष्ट्र, चेन्नई, लखनऊ और गुजरात के कई ट्रस्ट भी अब पुलिस की रडार पर हैं।

इन खातों के इस्तेमाल के बदले आरोपियों को 30% तक का मोटा कमीशन दिया जाता था।

म्यूल अकाउंट्स का मकड़जाल: डिलीवरी बॉय के खाते में 67 करोड़

साइबर अपराधियों ने आम लोगों को लालच देकर उनके खातों (Mule Accounts) का इस्तेमाल किया। जब पुलिस ने खातों की डिटेल खंगाली तो आंकड़े हैरान करने वाले थे:

एक डिलीवरी बॉय के खाते से 67 करोड़ का लेनदेन हुआ।

एक अन्य व्यक्ति के खाते में 53 करोड़ और एक टैटू आर्टिस्ट के खाते में 1 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला।

ज्यादातर खाताधारकों को यह पता ही नहीं था कि उनके नाम पर करोड़ों का खेल हो रहा है।

क्रिप्टो करेंसी और ‘लेयरिंग’ का खेल

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, अपराधी ‘लेयरिंग’ तकनीक का इस्तेमाल करते थे। ठगी की रकम को पहले म्यूल अकाउंट्स में डाला जाता था, फिर उसे 4-5 अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर किया जाता था ताकि मुख्य आरोपी तक पहुंचना नामुमकिन हो जाए। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि अंत में इस रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेज दिया जाता था। तकनीकी जांच में आईपी एड्रेस और वीपीएन की लोकेशन चीन और कंबोडिया की मिली है।

बैंक कर्मियों की मिलीभगत और नोटिस की तैयारी

इस पूरे खेल में कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि खाता फ्रीज होने से पहले ही ये कर्मचारी आरोपियों को अलर्ट कर देते थे, जिससे वे समय रहते पैसा निकाल लेते थे। पुलिस अब संबंधित बैंकों को नोटिस भेजकर जवाब तलब करने की तैयारी में है।

 

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Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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