
फतेहपुर (उत्तर प्रदेश):
नगर पंचायत असोथर के वार्ड नंबर 10, वनपुरवा में बौद्ध सेवा समिति, फतेहपुर के तत्वावधान में आयोजित ‘बुद्ध जयंती महोत्सव’ एवं ‘विशाल धम्म व सांस्कृतिक कार्यक्रम’ अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ। तथागत बुद्ध के चरणों में वंदना और “नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स” के जयघोष के साथ शुरू हुआ यह कार्यक्रम पूरी रात मानवता और भाईचारे की मिसाल पेश करता रहा।
मुख्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति

इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सांसद श्री नरेश उत्तम पटेल जी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज के समय में पूरी दुनिया के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक हैं। उनके साथ ही श्री सोनू वर्मा जी और बौद्ध सेवा समिति के समस्त पदाधिकारियों ने धम्म ध्वज के नीचे एकजुट होकर समाज को प्रबुद्ध बनाने का संकल्प लिया।
रात भर चला वैचारिक और सांस्कृतिक संगम

कार्यक्रम की शुरुआत रविवार रात 8:00 बजे हुई, जो अगले दिन प्रातः 4:00 बजे तक अनवरत चलती रही।
ओजस्वी विचार: प्रखर वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के शांति संदेश, पंचशील और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: भव्य गीत-संगीत कार्यक्रम के माध्यम से कलाकारों ने धम्म गाथाओं और महापुरुषों के संघर्षों को जीवंत कर दिया, जिसने उपस्थित जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशेष सहयोग और आयोजन की सफलता
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री लखन लाल जयचंद एवं बहन रीता देवी (वनपुरवा) का विशेष सहयोग रहा। उनके आतिथ्य और समर्पण की सभी ने सराहना की। समिति के पदाधिकारियों ने आगंतुक सभी धम्म प्रेमियों, समाजसेवियों और प्रबुद्ध जनों का आभार व्यक्त किया।
“बुद्ध का मार्ग केवल पूजा का मार्ग नहीं, बल्कि प्रज्ञा, शील और करुणा पर चलने का मार्ग है।” — कार्यक्रम का मुख्य सार
जय भीम, नमो बुद्धाय!








