रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, ब्यूरो चीफ (कानपुर)
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। ताजा मामला थाना रायपुरवा क्षेत्र के झकरकटी चौकी का है, जहाँ न्याय की गुहार लगाना एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। आरोप है कि जिस पुलिस को पीड़ित परिवार ने मदद के लिए 112 नंबर पर कॉल करके बुलाया था, उसी पुलिस ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता की।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता कामिनी ने पुलिस प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने किसी विवाद के चलते डायल 112 पर सूचना दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस आकर मामले को सुलझाएगी, लेकिन मौके पर पहुंची झकरकटी चौकी की पुलिस ने उल्टा पीड़ित परिवार पर ही कहर बरपाना शुरू कर दिया।
महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर की मर्यादा का भी ख्याल नहीं रखा। उन्होंने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनकी बहू और बेटियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता के अनुसार, पुलिस ने बिना किसी ठोस कारण के घर में घुसकर दबंगई दिखाई और परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित किया। इस घटना के बाद से पूरे परिवार में दहशत और खौफ का माहौल है।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित परिवार ने अब पुलिस के उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है। परिवार की मांग है कि:
झकरकटी चौकी के दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान की जाए।
मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो।
महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस विभाग के किसी बड़े अधिकारी का आधिकारिक बयान आना बाकी है। लेकिन “रक्षक ही भक्षक” बनने के इन आरोपों ने कानपुर पुलिस की छवि को कटघरे में खड़ा कर दिया है।








