कानपुर: स्कूल के शिलान्यास पर ‘रणक्षेत्र’ बना शिक्षा का मंदिर; सपा-भाजपा में चप्पल-धक्कामुक्की तक पहुँचा विवाद

 

कानपुर। शहर के परमट स्थित एक सरकारी स्कूल में बुधवार को विकास की ईंट रखे जाने से पहले ही राजनीति के पत्थर चलने लगे। प्राथमिक विद्यालय के प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता व समर्थक आपस में भिड़ गए। नौबत धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और चप्पल दिखाने तक आ पहुँची। इस सियासी उठापटक के बीच सबसे ज्यादा नुकसान उन मासूम बच्चों का हुआ, जो कक्षाओं में दुबक कर इस ‘लोकतंत्र’ को भयभीत नजरों से देख रहे थे।

विवाद की शुरुआत: सफाई पर ‘सियासी ब्रेक’

घटना की शुरुआत बुधवार सुबह हुई, जब 15 मई को होने वाले शिलान्यास की तैयारियों के तहत स्कूल परिसर में सफाई और अन्य कार्य चल रहे थे। तभी भाजपा नेता सुरेश अवस्थी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुँचे। आरोप है कि उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों और सुपरवाइजर को धमकाकर काम रुकवा दिया।

जैसे ही इसकी भनक आर्यनगर के सपा विधायक अमिताभ बाजपेई को लगी, वह भी समर्थकों के साथ स्कूल पहुँच गए। विधायक के पहुँचते ही माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

चप्पल दिखाने का आरोप और ‘गांधीवादी’ जवाब

विवाद ने तब तूल पकड़ा जब सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने भाजपा पार्षद विकास जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक का दावा है कि पार्षद ने उन्हें सरेआम चप्पल दिखाकर अपमानित करने की कोशिश की।

“राजनीति का स्तर गिरता जा रहा है। मुझे चप्पल दिखाई गई, लेकिन मैं गांधीवादी सोच में विश्वास रखता हूं। मैंने हाथ जोड़कर प्रतिक्रिया दी। अगर बच्चों के भविष्य के लिए मुझे किसी के पैर भी छूने पड़ें, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।” — अमिताभ बाजपेई, सपा विधायक

दूसरी ओर, भाजपा नेता सुरेश अवस्थी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विधायक का ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि स्कूल में सांसद निधि से भी कार्य प्रस्तावित हैं और विधायक बिना समन्वय के कार्य करा रहे थे।

दहशत में मासूम: पढ़ाई की जगह शोर और नफरत

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के इस तांडव का सबसे वीभत्स चेहरा स्कूल के कमरों में दिखा। जहाँ बच्चों को ककहरा सीखना चाहिए था, वहां वे नेताओं की चीख-पुकार सुन रहे थे।

सहम गए छात्र: शोर-शराबा सुनकर बच्चे डर के मारे अपनी बेंचों के नीचे और कमरों के कोनों में छिप गए।

पुलिस रेस्क्यू: स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद डरे हुए बच्चों को सुरक्षित स्कूल से बाहर निकालकर उनके घर भेजा।

पुलिस की कार्रवाई और छावनी में तब्दील इलाका

तनाव को देखते हुए ग्वालटोली, कर्नलगंज, नवाबगंज और कोहना समेत कई थानों की फोर्स और PAC को तैनात किया गया। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए सपा विधायक अमिताभ बाजपेई को हिरासत में लेकर स्वरूपनगर थाने पहुँचाया, जहाँ भारी संख्या में जुटे सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।

वर्तमान स्थिति

फिलहाल, स्कूल परिसर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रही है। विकास कार्यों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब शहर की राजनीति में साख की लड़ाई बन गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का एक ही सवाल है— “नेताओं की इस जंग में बच्चों का क्या कसूर था?”

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Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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