रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, ब्यूरो चीफ, कानपुर।
कानपुर। शहर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में जन भावनाओं और धार्मिक आस्था के सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे एक व्यक्ति की जान पर बन आई है। बजरंग चौराहे और मंदिर के पास स्थित शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से धरने पर बैठे एक प्रदर्शनकारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। भीषण गर्मी और भूख के कारण वह व्यक्ति मौके पर ही अचेत (बेहोश) होकर गिर पड़ा।
भीषण गर्मी और भूख ने तोड़ा शरीर
क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार, प्रदर्शनकारी पिछले एक सप्ताह से अन्न-जल त्याग कर धरने पर बैठा था। कानपुर में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और शारीरिक कमजोरी के कारण शुक्रवार को उसकी हालत नाजुक हो गई। जैसे ही वह व्यक्ति अचेत हुआ, प्रदर्शन स्थल पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने उसे संभालने का प्रयास किया और प्राथमिक उपचार दिया।
प्रशासन की बेरुखी से जनता में आक्रोश
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रिहायशी इलाके और मंदिर के ठीक बगल में संचालित इस शराब ठेके को हटवाने के लिए कई बार आबकारी विभाग और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। लोगों का कहना है कि:
धार्मिक स्थल के पास शराब की दुकान होने से अराजकता बढ़ रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण एक व्यक्ति की जान जोखिम में पड़ी है।
बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं।
“हम कई दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रख रहे थे, लेकिन जब तक कोई अनहोनी न हो जाए, शायद प्रशासन नहीं जागता। हमारे साथी की हालत बिगड़ने के लिए सीधे तौर पर आबकारी विभाग जिम्मेदार है।” – एक स्थानीय निवासी
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भीषण धूप के बीच प्रदर्शनकारी को बेसुध अवस्था में देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।
फिलहाल, मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह है कि इस घटना के बाद आबकारी विभाग क्या ठोस कदम उठाता है या फिर जनता का यह आक्रोश उग्र रूप धारण करेगा।








