रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, ब्यूरो चीफ, कानपुर
कानपुर। शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जालसाज गिरोह का कानपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना किदवई नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बिना परीक्षा दिए इंटरमीडिएट से लेकर पीएचडी (PhD) तक की फर्जी डिग्री और मार्कशीट बांटकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के निर्देशन में हुई इस बड़ी कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनीष उर्फ रवि और अर्जुन यादव के रूप में हुई है।
बरामदगी और नेटवर्क का दायरा
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की नकली मोहरें, लैपटॉप, प्रिंटर और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे अब तक अलग-अलग राज्यों के छात्रों को निशाना बनाकर करीब 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर चुके हैं। जांच में Telangana University समेत देश के कई बड़े संस्थानों के नामों का दुरुपयोग करने की बात सामने आई है।
अवार्ड के नाम पर भी करते थे ठगी, दुबई कनेक्शन आया सामने
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी सिर्फ डिग्री ही नहीं बेचते थे, बल्कि “GLOBAL BOOK OF EXCELLENCE AWARD UK LONDON” नाम से एक कथित फर्जी अवार्ड कार्यक्रम भी चलाते थे।
सोशल मीडिया और अन्य प्रचार माध्यमों पर नामचीन सेलिब्रिटीज को यह अवार्ड देने का दावा किया जाता था, ताकि आम लोग इनके झांसे में आ सकें। मुख्य आरोपी मनीष ने पूछताछ में अपनी दुबई यात्रा की बात भी स्वीकार की है, जिसके बाद पुलिस को इस रैकेट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने की आशंका है।
बैंक खातों में करोड़ों का लेनदेन
क्राइम ब्रांच को आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की पड़ताल में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के पुख्ता सुराग मिले हैं। अब पुलिस और एसआईटी (SIT) इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक पक्ष और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और अपील
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा:
“शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से खिलवाड़ करने वाले ऐसे किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।” इसके साथ ही उन्होंने युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी संस्थानों और बिना परीक्षा पास कराने का लालच देने वाले एजेंटों के झांसे में न आएं और सतर्क रहें।








