रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, ब्यूरो चीफ (कानपुर)
कानपुर। कमिश्नरेट पुलिस के साउथ जोन अंतर्गत नौबस्ता थाना पुलिस ने वाहन चोरों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के 13 दोपहिया वाहन (बाइक और स्कूटी), वाहनों के कटे हुए पार्ट्स, फर्जी नंबर प्लेट और नकदी बरामद की है। यह गिरोह लंबे समय से शहर में सक्रिय था और वाहनों को चोरी कर उनके कलपुर्जे बेच दिया करता था।
चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़े दो शातिर चोर
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सीओडी नाले के पास घेराबंदी की और स्कूटी पर सवार दो संदिग्धों—मो. सलीम और सानू को दबोच लिया। जांच करने पर उनके पास मौजूद स्कूटी चोरी की निकली।
कड़ी पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
थाने लाकर जब दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने शहर में बड़े पैमाने पर वाहन चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह से जुड़े होने की बात कबूल की।
तीसरा साथी भी गिरफ्तार: आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जाजमऊ क्षेत्र से उनके तीसरे साथी वाजिद बेग को भी गिरफ्तार कर लिया।
जंगल से बरामद हुईं गाड़ियां: गिरोह की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में छिपाकर रखी गईं 9 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें और स्कूटी बरामद कीं। पुलिस ने अब तक कुल 13 दोपहिया वाहन बरामद कर लिए हैं।
गाड़ियां काटकर पार्ट्स बेचने का था धंधा
पुलिस की जांच में खुलासा: यह गिरोह बेहद शातिराना ढंग से काम करता था। आरोपी केवल वाहनों को चुराते ही नहीं थे, बल्कि पकड़े जाने के डर से उनके पार्ट्स (कलपुर्जे) को अलग-अलग काटकर कबाड़ और बाजार में बेच देते थे। इसके अलावा वाहनों की पहचान मिटाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल किया जाता था।
नौबस्ता पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें जेल भेजने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस गिरोह के तार और किन-किन कबाड़ियों या खरीदारों से जुड़े हुए थे।








