भट्टी की तरह तपा बुंदेलखंड: बांदा रिकॉर्ड 47.7°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर, आसमान से बरस रही आग

 

बांदा।

बुंदेलखंड क्षेत्र में जेठ के महीने की शुरुआत के साथ ही सूर्यदेव ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को जनपद बांदा में अधिकतम तापमान 47.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके साथ ही बांदा एक बार फिर देश का सबसे गर्म शहर बन गया है। केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक मौसम स्टेशनों के आंकड़ों के अनुसार भी बांदा इस सीजन में दूसरी बार दुनिया के सबसे गर्म स्थानों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गया है।

दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म हो चुकी हैं, जहां न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तेज धूप और करीब 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

क्यों तप रहा है बांदा? मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण

बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश शाह के अनुसार, बांदा और आसपास के बुंदेलखंड क्षेत्र की पथरीली और चट्टानी भौगोलिक संरचना इस अत्यधिक तापमान का मुख्य कारण है।

चट्टानों का तपना: दोपहर की तेज धूप में यहां की चट्टानें और सूखी मिट्टी बेहद गर्म हो जाती हैं और रात के समय भी इन्हें ठंडा होने में लंबा समय लगता है।

पश्चिमी विक्षोभ का अभाव: फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली या पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय नहीं है।

शुष्क पछुआ हवाएं: पाकिस्तान और राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आ रही सूखी और बेहद गर्म हवाएं सीधे बुंदेलखंड के मैदानों को प्रभावित कर रही हैं।

दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा, जनजीवन प्रभावित

सुबह 10 बजते ही आसमान से आग की बारिश होने लगती है, जिससे कामकाजी लोग और राहगीर सिर पर अंगौछा और चेहरे को ढककर निकलने पर मजबूर हैं। भीषण तपिश के कारण दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बांदा के मुख्य बाजारों, चौराहों और सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहता है। गर्मी के कारण व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं और लोग केवल आवश्यक कार्यों से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी: पारा 49°C से 50°C तक जाने की आशंका

मौसम विभाग (IMD) ने बांदा सहित उत्तर प्रदेश के करीब 33 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों में तापमान में और इजाफा हो सकता है, जिससे पारा रिकॉर्ड 49 से 50 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच सकता है। राहत की बात केवल यह है कि केरल में 26 मई के आसपास मानसून के दस्तक देने की उम्मीद है, जिसके बाद ही उत्तर भारत को इस भीषण गर्मी से स्थायी राहत मिल सकेगी।

प्रशासन अलर्ट: मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश

बढ़ते पारे और लू के खतरों को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांदा सहित सभी प्रभावित जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं:

अस्पतालों में विशेष व्यवस्था: जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में हीटस्ट्रोक (लू लगना) के मरीजों के लिए विशेष वार्ड, ओआरएस (ORS) और आवश्यक दवाओं के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।

पेयजल की उपलब्धता: प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और बस स्टैंडों पर छायादार व्यवस्था और ठंडे पेयजल (प्याऊ) चालू करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिजली और एम्बुलेंस: निर्बाध बिजली आपूर्ति और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं को चौबीस घंटे एक्टिव रखने के आदेश दिए गए हैं।

कृषि विश्वविद्यालय और डॉक्टरों की अपील:

मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर के समय बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। शरीर में पानी की कमी न होने दें, सूती कपड़े पहनें और अपने पालतू पशु-पक्षियों के लिए भी छांव और पानी का उचित प्रबंध करें।

India Varta News
Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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