रिपोर्ट धर्मराज निषाद
असोथर के सरकंडी में भू-माफियाओं का तांडव, तहसील दिवस के बाद भी नहीं मिला न्याय; फोटो खिंचवाकर लौट रहे चौकी इंचार्ज और थानेदार
🔴 फतेहपुर उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में जहां एक तरफ भीषण गर्मी और ‘हीटवेव’ (Heatwave) काल बनकर टूट रही है, वहीं दूसरी तरफ असोथर थाना क्षेत्र की पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। न्याय की आस में भटक रहा एक अत्यंत गरीब परिवार इस जानलेवा धूप में तिरपाल के नीचे जिंदगी काटने को मजबूर है, लेकिन पुलिस भू-माफियाओं के रसूख के आगे नतमस्तक दिखाई दे रही है। पीड़ित परिवार ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
तहसील दिवस की अर्जी बेकार, 42 डिग्री तापमान में तड़प रहा परिवार
पूरा मामला असोथर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरकंडी स्थित ‘बब्बू का डेरा’ का है। यहाँ की निवासी सीमा देवी पत्नी कामता प्रसाद निषाद ने तहसील दिवस में न्याय की गुहार लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि तीन दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने दबंगों और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
मौसम विभाग ने लगातार हीटवेव का अलर्ट जारी किया है और पारा 42 डिग्री के पार पहुँच चुका है। ऐसी स्थिति में सीमा देवी अपने दो मासूम बच्चों, बीमार पति और 70 वर्षीय बुजुर्ग सास-ससुर के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। इस तपती दोपहरी में न तो उनके पास पीने के पानी का सही इंतजाम है और न ही सिर छुपाने के लिए पक्की छत।
“साहब आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और चले जाते हैं” — पीड़िता
पीड़िता सीमा देवी ने ‘इंडिया वार्ता न्यूज़’ से बातचीत में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की बखिया उधेड़ कर रख दी। सीमा देवी का कहना है कि क्षेत्र के चौकी इंचार्ज और थाना प्रभारी दो से तीन बार मौके पर आ चुके हैं। लेकिन, उनकी संवेदनशीलता सिर्फ ‘फोटो खिंचवाने’ तक सीमित है। मौके पर आकर फोटो खिंचवाने के अलावा पुलिस ने न तो अभी तक एफआईआर (FIR) दर्ज की है और न ही आरोपियों की धरपकड़ के लिए कोई कदम उठाया है।
पुलिस पर लगा मोटी रकम लेकर मामले को दबाने का गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। पीड़ित परिवार ने सीधा और तीखा आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस के अधिकारी आरोपियों से ‘मोटी रकम’ डकार चुके हैं, जिसके कारण मामले को लगातार गोल-मोल जवाब देकर टाला जा रहा है। क्षेत्र में भी यह चर्चा आम है कि भू-माफियाओं के भारी दबाव और सांठगांठ के चलते पुलिस पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय अपराधियों को खुली सरपरस्ती दे रही है।
न्याय न मिला तो डीएम दफ्तर पर होगा ‘आमरण अनशन’
सिस्टम की बेरुखी और माफियाओं के अत्याचार से तंग आकर अब सीमा देवी ने जिला प्रशासन को अंतिम अल्टीमेटम दे दिया है। पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उन्हें न्याय नहीं मिला और आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह अपने छोटे-छोटे बच्चों, बीमार पति और बुजुर्ग सास-ससुर के साथ जिलाधिकारी कार्यालय (Fatehpur Collectorate) के मुख्य गेट पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी। पीड़िता ने साफ कहा है कि यदि इस दौरान उनके परिवार को कुछ भी होता है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन और असोथर पुलिस की होगी।








