फतेहपुर। जनपद में लगातार बढ़ रहे पारे और आसमान से बरसती आग के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। भीषण गर्मी और जानलेवा हीट वेव (लू) के प्रकोप को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) ने आम जनमानस के लिए एक महत्वपूर्ण वीडियो संदेश और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने साफ तौर पर नागरिकों से सतर्कता बरतने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
दोपहर 12 से 4 बजे तक सबसे ज्यादा खतरा
जिलाधिकारी द्वारा जारी संदेश में कहा गया है कि दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक धूप का असर सबसे तीखा और खतरनाक रहता है। इस समय सीमा के दौरान लू चलने की संभावना सबसे अधिक होती है। इसलिए बिना किसी अति-आवश्यक कार्य के इस दौरान बाहर निकलने से बचें। प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को इस दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी है।
📋 प्रशासन द्वारा जारी ‘क्या करें, क्या न करें’ की गाइडलाइन:
यदि किसी बेहद जरूरी काम से दोपहर में बाहर जाना ही पड़े, तो जिला प्रशासन ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं:
शरीर को पूरी तरह ढकें: बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनें।
सिर और चेहरा ढकें: धूप से बचने के लिए सिर पर गमछा, टोपी, छाता या हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
पानी की बोतल रखें साथ: घर से कभी भी खाली पेट न निकलें और अपने साथ हमेशा पीने के पानी की बोतल जरूर रखें।
शरीर को रखें हाइड्रेट: सादे पानी के साथ-साथ ओआरएस (ORS), ग्लूकोन-डी, नींबू पानी, छाछ या अन्य तरल पदार्थों का नियमित सेवन करते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न हो।
🚑 लू (हीट स्ट्रोक) के लक्षण दिखने पर तुरंत करें ये काम
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा है। उन्होंने कहा है कि गर्मी को बिल्कुल भी हल्के में न लें। यदि किसी व्यक्ति को अचानक:
तेज चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना
उल्टी होना या जी मिचलाना
तेज बुखार या बेहोशी छाना
जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे हीट स्ट्रोक मानकर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र (CHC/PHC) या जिला अस्पताल लेकर जाएं। थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
रिपोर्टर अजय श्रीवास्तव के अनुसार, लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक कर रहा है। जिलाधिकारी ने अंत में अपील करते हुए कहा कि इस मौसम में जनहानि और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को केवल जागरूकता और सावधानी के बल पर ही कम किया जा सकता है। इसलिए खुद भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।








