फतेहपुर
जनपद में सरकारी अधिकारियों की मनमानी और कार्यालयों से नदारद रहने की आदत पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) निधि गुप्ता वत्स का नया प्रशासनिक प्रयोग बेहद असरदार साबित हो रहा है। डीएम की इस अनूठी पहल से जहां एक ओर लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान की नई उम्मीद जगी है।
रोज सुबह 10 से 12 बजे तक ‘डिजिटल’ निगरानी
शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत सभी अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करनी होगी।
इस व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। जनसुनवाई के इस दो घंटे के समय में सभी संबंधित अधिकारी वीसी के माध्यम से सीधे जिलाधिकारी से जुड़े रहते हैं। इससे अधिकारी न सिर्फ समय पर दफ्तर बैठने को मजबूर हुए हैं, बल्कि मौके पर ही शिकायतों को संबंधित विभागों को ट्रांसफर कर समाधान की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है।
लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप, जनता में खुशी
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि पहले जनसुनवाई के कीमती समय में कई अधिकारी अक्सर सीटों से गायब रहते थे और फरियादी भटकते रहते थे। लेकिन अब, सीधे वीसी के जरिए हो रही लाइव मॉनिटरिंग के कारण अधिकारियों को अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी पड़ रही है।
आम जनता ने जिलाधिकारी के इस कदम का पुरजोर स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब अधिकारियों से मिलना और अपनी बात रखना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।
“इस व्यवस्था से अधिकारियों की कार्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है। जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
— निधि गुप्ता वत्स, जिलाधिकारी
क्या सुधरेगी कार्यशैली?
डीएम की इस सख्ती के बाद अब प्रशासनिक हलकों में यह सवाल तैर रहा है कि क्या मनमौजी अधिकारी इस कड़े डिजिटल पहरे का भी कोई तोड़ निकाल लेंगे, या फिर उन्हें जनता के प्रति जवाबदेह बनते हुए अपनी कार्यशैली में हमेशा के लिए सुधार करना होगा। फिलहाल, डीएम निधि गुप्ता वत्स का यह प्रयोग पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।








