कानपुर ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी
कानपुर। उत्तर प्रदेश के मैनचेस्टर कहे जाने वाले औद्योगिक शहर कानपुर के कारोबारी जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी हलचल सामने आ रही है। देश के प्रतिष्ठित उद्योग समूह ‘अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड’ (APSEZ) ने ‘जयप्रकाश फर्टिलाइजर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ (JFIL) का 100 प्रतिशत अधिग्रहण करने का बड़ा फैसला लिया है। करीब ₹1500 करोड़ के मूल्य पर होने जा रही इस मेगा डील के जरिए अडानी समूह को ‘कानपुर फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड’ (KFCL) पर अप्रत्यक्ष रूप से पूरी तरह नियंत्रण मिल जाएगा।
243 एकड़ भूमि पर बनेगा अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स हब
व्यापारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, KFCL के पास कानपुर के प्राइम इंडस्ट्रियल एरिया में लगभग 243 एकड़ बहुमूल्य औद्योगिक और व्यावसायिक भूमि उपलब्ध है। अडानी समूह इस विशाल भूखंड का उपयोग एक विश्वस्तरीय ‘मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क’ (MMLP) और विशाल ‘वेयरहाउसिंग हब’ विकसित करने के लिए करने की रणनीति बना रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर भारत के सप्लाई चेन, माल परिवहन नेटवर्क और कार्गो मूवमेंट को एक अभूतपूर्व रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
निवेश और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान
आर्थिक विश्लेषकों और स्थानीय जानकारों का मानना है कि बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अडानी पोर्ट्स के कानपुर में कदम रखने से क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इस भारी-भरकम निवेश से स्थानीय स्तर पर हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। कंपनी का मुख्य फोकस अपने नेशनल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करते हुए वेयरहाउसिंग क्षमता का कई गुना विस्तार करना है, जिससे कानपुर एक बार फिर उत्तर भारत के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित हो सकेगा।
महंगाई की मार: बिहार में ‘सुधा डेयरी’ का दूध ₹2 प्रति लीटर महंगा
एक तरफ जहां यूपी के औद्योगिक क्षेत्र से बड़ी खुशखबरी आ रही है, वहीं दूसरी ओर पड़ोसी राज्य बिहार के उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। बिहार की सबसे बड़ी दुग्ध ब्रांड ‘सुधा डेयरी’ (Sudha Dairy) ने दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है।
संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू होने के बाद अब आम जनता के घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। सुबह के चाय-नाश्ते से लेकर दैनिक उपभोग तक, दूध की कीमतों में हुई इस वृद्धि ने आम गृहिणियों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच दूध के दाम बढ़ना आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ है।








