फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया। मां की डांट से नाराज होकर लापता हुए एक 8 वर्षीय मासूम बालक को धाता थाना पुलिस और पीआरवी टीम ने महज दो घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां एक परिवार का चिराग सुरक्षित घर लौट आया, वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस महकमे की जमकर सराहना की है।
2 घंटे में टली बड़ी अनहोनी
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में चलाए जा रहे जनसहयोग और त्वरित पुलिसिंग अभियान के तहत यह सफलता मिली है। जानकारी के अनुसार, चित्रकूट जिले के ग्राम अटवारा निवासी करन उर्फ कल्लू का 8 वर्षीय पुत्र शिवा वर्तमान में फतेहपुर के थाना धाता क्षेत्र के नगरूवा भट्ठा में रह रहा था। 27 मई 2026 की रात करीब 8:50 बजे पुलिस को सूचना मिली कि शिवा अपनी मां की डांट से नाराज होकर आम तोड़ने के बहाने बाग गया था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा।
बच्चे के अचानक गायब होने से परिजनों में हड़कंप मच गया और अनहोनी की आशंका से कोहराम मच गया।
डाकखाने के पास मिला मासूम
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धाता पुलिस और पीआरवी 9598 की टीम तुरंत एक्शन में आ गई। रात के अंधेरे में ही पुलिस टीमों ने आसपास के जंगलों, बागों और रास्तों पर सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की सतर्कता का नतीजा रहा कि सूचना मिलने के महज 2 घंटे के भीतर मासूम शिवा को कस्बा धाता स्थित डाकखाना (पोस्ट ऑफिस) के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया।
परिजनों ने जताया आभार: पुलिस टीम ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शिवा को उसके पिता करन उर्फ कल्लू के सुपुर्द कर दिया। अपने जिगर के टुकड़े को सुरक्षित देख परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने फतेहपुर पुलिस की तत्परता के लिए सहृदय आभार व्यक्त किया।
इन जांबाजों ने पेश की मिसाल
इस त्वरित और संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहे, जिनकी इलाके में खूब तारीफ हो रही है:
थाना धाता: कांस्टेबल अनिल कुमार एवं महिला कांस्टेबल प्रीती
पीआरवी 9598: कांस्टेबल काजू पाल एवं कांस्टेबल संघर्ष कुमार
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की ऐसी त्वरित और मानवीय कार्यशैली से आम जनता के बीच खाकी का भरोसा और अधिक मजबूत होता है।








