फतेहपुर/ललौली।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है। पवित्र गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में वाहन सवार नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से चार की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
ट्रक की लापरवाही से बिगड़ा संतुलन; चीख-पुकार में बदली धार्मिक यात्रा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ललौली थाना क्षेत्र के शिवरी बंबा मोड़ के पास रविवार सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई जब श्रद्धालुओं से खचाखच भरी पिकअप अचानक पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकअप के आगे चल रहे एक ट्रक का चालक वाहन को बेहद लापरवाही और लहराते हुए चला रहा था। ट्रक को बचाने के चक्कर में पिकअप चालक का अचानक संतुलन बिगड़ गया और तेज रफ्तार गाड़ी सड़क किनारे पलट गई।
हादसे का शिकार हुए सभी लोग निषाद समाज से ताल्लुक रखते हैं। बताया जा रहा है कि ललौली क्षेत्र के हिम्मतपुर पुरवा निवासी छोटेलाल निषाद अपने परिवार, रिश्तेदारों और अन्य ग्रामीणों के साथ गंगा स्नान के लिए निकले थे, लेकिन गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही यह हादसा हो गया।
देवदूत बनकर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य संदीप यादव, निजी वाहनों से भेजा अस्पताल
हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया। घटना की भनक लगते ही महना क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य संदीप यादव बिना समय गंवाए अपनी टीम और दो निजी वाहनों के साथ सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। संदीप यादव ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से मलबे और पलटी गाड़ी के नीचे फंसे घायलों को बाहर निकाला।
एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय उन्होंने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तुरंत अपने वाहनों से सभी 9 घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिंदकी भिजवाया। CHC के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद चार घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत मेडिकल कॉलेज फतेहपुर के लिए रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार जारी है।
क्षेत्र में मानवीयता की चर्चा, सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में जिला पंचायत सदस्य संदीप यादव और मददगार ग्रामीणों की खूब सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि संदीप यादव ने ऐन वक्त पर तत्परता न दिखाई होती, तो राहत कार्य में देरी हो सकती थी और स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
बहरहाल, इस भीषण हादसे ने एक बार फिर जनपद की सड़कों पर दौड़ने वाले भारी वाहनों की बेलगाम और लापरवाह ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक यात्राओं, त्योहारों और स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं के वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ओवरस्पीडिंग व ओवरटेकिंग करने वाले ट्रकों पर लगाम लगाने की मांग अब क्षेत्र में जोर पकड़ने लगी है।








