फतेहपुर (उत्तर प्रदेश): विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच फतेहपुर जिले की सांखा ग्राम पंचायत के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुत्तौर से बांदा सागर लिंक रोड को जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क पिछले 5 वर्षों से बदहाल स्थिति में है। सड़क का नामो-निशान मिट चुका है और अब इसकी जगह घुटने तक कीचड़ और गंदे पानी ने ले ली है।
ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, प्रशासन पर साधा निशाना
लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों ने अब खुलकर आक्रोश जाहिर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क मुख्य मार्ग से जुड़ी होने के बावजूद शासन-प्रशासन की उदासीनता का शिकार है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सीधे सवाल किए हैं:
“क्या आम जनता का जीवन इतना सस्ता है कि वे गंदगी और बीमारी के बीच रहने को मजबूर हैं?”
“क्या यही योगी सरकार का उत्तर प्रदेश है, जहाँ सड़कों का यह हाल है?”
“क्या हमारे विधायक की जिम्मेदारी सिर्फ वोट लेने तक सीमित है?”
सैकड़ों ग्रामीणों की पुकार
इस नारकीय स्थिति से परेशान होकर ग्राम प्रधान राकेश कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी आवाज उठाई है। इस मांग में शामिल प्रमुख ग्रामीणों में नामू, बड़कू, फूलसिंह, अमरसिंह, सविता देवी, निर्मला देवी, ऊषा देवी, कंचन देवी, श्यामवती देवी, रमेश, ललित कुमार, राजेश, सन्तलाल, रामपति देवी, सियाकली और हौला देवी आदि प्रमुख हैं।

तस्वीरें और वीडियो खुद बयान कर रहे बदहाली
जैसा कि 1013339363.mp4 और 1013339364.jpg में देखा जा सकता है, सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो चुकी है, जहाँ पैदल चलना भी दूभर है। 1013345144.jpg और 1013339365.jpg के माध्यम से यह साफ है कि सड़क की यह दुर्दशा बीते कई वर्षों से बरकरार है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द ही PWD विभाग ने इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया, तो उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
क्या आप चाहते हैं कि मैं इस लेख को जिला प्रशासन को ईमेल के जरिए भेजने के लिए एक आधिकारिक शिकायत के प्रारूप में बदल दूँ?








