फतेहपुर: जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निजी अस्पताल संचालक और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मारपीट हो गई। घटना के बाद से ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
लोधीगंज स्थित एक निजी अस्पताल के नवीनीकरण (रिन्यूअल) का मामला विभाग में लंबित था। अस्पताल संचालक की पत्नी शिवानी का आरोप है कि रिन्यूअल के नाम पर विभागीय बाबू और एडिशनल CMO द्वारा अवैध वसूली की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर अस्पताल को सीज कर दिया गया, जिससे परेशान होकर उनके पति विनय लोधी शुक्रवार को जानकारी लेने कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि वहां उनके साथ बदसलूकी की गई और मारपीट की गई।
कर्मचारी का पक्ष
वहीं, दूसरी ओर आरोपित कर्मचारी अनिकेत सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने अस्पताल संचालक पर ही उनके साथ अभद्र व्यवहार करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
सीसीटीवी पर उठे सवाल
इस विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। घटना के बाद यह जानकारी सामने आई है कि कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे उस समय बंद थे, जिससे घटना के असल कारणों की पुष्टि करना पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
CMO ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस पहुंची और संचालक को अपने साथ ले गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यू.बी. सिंह ने बताया कि जिस समय घटना हुई, वे एक बैठक में व्यस्त थे। उन्होंने कहा:
“घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर कर्मचारी अथवा अन्य कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय और विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासनिक महकमे में हलचल
फतेहपुर CMO कार्यालय में हुई इस घटना ने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार और शिकायत निस्तारण की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच और विभागीय रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर सच किसके पक्ष में है।








