नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के जरिए भाजपा सरकार और उसकी कार्यप्रणाली पर जोरदार प्रहार किया है। उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर हुई छापेमारी को अखिलेश ने ‘अवसरवादी’ और ‘हृदयहीन’ कार्रवाई बताते हुए इसे जनता की कमाई पर डाका डालना करार दिया।
“भाजपाई छापे यानी सरकारी डकैती”
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में सीधे शब्दों में लिखा कि “भाजपाई छापे सरकारी डकैती होते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एजेंसियां उन जगहों को निशाना बनाती हैं जहाँ उन्हें धन-दौलत जमा होने की संभावना दिखती है। उन्होंने भाजपा को ‘हृदयहीन’ और ‘संवेदनहीन’ बताते हुए कहा कि ये लोग किसी व्यक्ति की गंभीर बीमारी या मुश्किल हालात का भी लिहाज नहीं करते।
मुश्किल दौर में ‘अवसर’ तलाशती है भाजपा
सपा अध्यक्ष ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा होता है, तब भाजपा उस ‘आपदा’ में ‘अवसर’ तलाशती है। उन्होंने लिखा:
“जब व्यक्ति अपने सबसे मुश्किल दौर में होता है, तब ही उसे टारगेट करते हैं, जिससे वो कोई विरोध-प्रतिरोध न कर पाये और ये उसका धन-मान सब लूट सकें।”
2027 की हार का डर और धन उगाही का आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग जानते हैं कि वे 2027 की चुनावी वैतरणी पार नहीं कर पाएंगे। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ हो या दिल्ली, कोई भी 2027 के पार नहीं जाएगा, इसीलिए ये अभी से पैसे बटोरने और विपक्षियों का उत्पीड़न करने में लग गए हैं।
दिनेश प्रताप सिंह के बयान को बनाया हथियार
अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा नेता दिनेश प्रताप सिंह द्वारा मीडिया को दिए गए एक बयान को भी टैग किया है, जिसे उन्होंने भाजपा की मंशा को उजागर करने वाला प्रमाण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपाइयों के लिए बहन-बेटी का मान भी कुछ नहीं है और वे पीड़ित को ही उत्पीड़ित करने का कुकृत्य कर रहे हैं।








