फतेहपुर। जिले के अलियाबाद गांव में बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने वाले शिक्षामित्र और बीएलओ अखिलेश कुमार के घर मातम पसरा है। इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने और उनकी मदद के लिए राजनीतिक गलियारों से हाथ आगे बढ़ने लगे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता शिवाकांत तिवारी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की।
आर्थिक मदद और सांत्वना
कांग्रेस नेता शिवाकांत तिवारी अपने समर्थकों के साथ मृतक अखिलेश कुमार के निवास स्थान पहुंचे। वहां उन्होंने शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। परिवार की दयनीय स्थिति और आगामी 8 मार्च को होने वाली बेटी की शादी को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने तत्काल सहायता के रूप में 21,000 रुपये का चेक परिजनों को सौंपा।
“यह केवल एक कर्मचारी की मृत्यु नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता के कारण हुई एक हत्या है। एक पिता अपनी बेटी के हाथ पीले करना चाहता था, लेकिन उसे मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया गया।” — शिवाकांत तिवारी
प्रमुख मांगें और आगामी कदम
मुलाकात के दौरान शिवाकांत तिवारी ने सरकार और जिला प्रशासन के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखीं:
मुआवजा: पीड़ित परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में लिया जाए।
कड़ी कार्रवाई: सुसाइड नोट में नामित अधिकारियों (SDM और EO) पर निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई हो।
प्रदेश अध्यक्ष का दौरा कल
कांग्रेस नेता ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कल स्वयं फतेहपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से भेंट करेंगे और इस मामले को प्रदेश स्तर पर उठाएंगे।
घटना की संवेदनशीलता
ज्ञात हो कि बीएलओ ड्यूटी के दबाव और बेटी की शादी के लिए अवकाश न मिलने से आहत होकर अखिलेश कुमार ने स्कूल परिसर में ही फांसी लगा ली थी। उनके पास से मिले सुसाइड नोट ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।









