ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी
कानपुर।
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर में शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों और दंगाइयों पर अब ‘ब्लैक हॉक’ का पहरा होगा। शहर की कानून-व्यवस्था को अत्याधुनिक और अचूक बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष कमांडो यूनिट ‘ब्लैक हॉक’ का गठन कर उसे धरातल पर उतार दिया है।
आधुनिक शस्त्रों और विशेष प्रशिक्षण से लैस है दस्ता
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ‘ब्लैक हॉक’ कोई सामान्य दस्ता नहीं है। इस यूनिट में शामिल जवानों को विशेष रूप से दंगों, हिंसक उपद्रव और अचानक उत्पन्न होने वाली आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। इन्हें भीड़ नियंत्रण (Crowd Control) की आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ संवेदनशील गलियों और क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई (Quick Response) का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है।
अत्याधुनिक तकनीक बनेगा सुरक्षा कवच
यह यूनिट केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि आधुनिक हथियारों और उन्नत सुरक्षा उपकरणों से भी सुसज्जित है। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही यह दस्ता न्यूनतम समय में मौके पर पहुँचकर स्थिति को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले ले।
दंगाइयों में खौफ, जनता में विश्वास
पुलिस विभाग का मानना है कि इस विशेष कमांडो यूनिट की सक्रियता से शहर के असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों में कड़ा संदेश जाएगा। वहीं दूसरी ओर, शहरवासियों ने पुलिस की इस पहल का पुरजोर स्वागत किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ‘ब्लैक हॉक’ की तैनाती से कानपुर की गलियों और बाजारों में सुरक्षा का अहसास और अधिक सुदृढ़ होगा।
प्रशासनिक रुख
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर की शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ‘ब्लैक हॉक’ यूनिट अब कानपुर की सुरक्षा दीवार के रूप में 24 घंटे मुस्तैद रहेगी।
रिपोर्ट: कानपुर ब्यूरो








