खनन माफियाओं के आगे बौना साबित हो रहा प्रशासन? असोथर-थरियांव मार्ग पर ‘चीखती’ एम्बुलेंस और ‘दहाड़ते’ ओवरलोड डंपर!

 

फतेहपुर: प्रशासन की चुप्पी और खनन माफियाओं की मनमानी ने असोथर-थरियांव मार्ग को आम जनता के लिए ‘नर्क’ बना दिया है। बांदा के मर्का खंड-3 से जलधारा चीरकर निकाली जा रही अवैध मौरंग अब सड़कों पर लोगों का काल बन रही है। रात के अंधेरे में दौड़ते ये ओवरलोड डंपर न केवल सरकारी संपत्ति को रौंद रहे हैं, बल्कि जीवन रक्षक एम्बुलेंस के पहियों को भी थाम दे रहे हैं।

जिम्मेदार मौन, जनता परेशान

हैरानी की बात यह है कि जिस मार्ग से मरीज जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए एम्बुलेंस में गुजरते हैं, उस मार्ग पर डंपरों ने इतने गहरे गड्ढे कर दिए हैं कि वाहन रेंगने को मजबूर हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे एक एम्बुलेंस इन भारी-भरकम ‘मौत के सौदागरों’ के बीच रास्ता तलाश रही है।

बड़े सवाल: आखिर किसके संरक्षण में हो रहा यह खेल?

क्या जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को इन ध्वस्त होती सड़कों और अवैध परिवहन की खबर नहीं है?

धरातल पर उतरकर कार्यवाही करने के बजाय अधिकारी कार्यालयों में किसके आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं?

सड़क के बजट को डंपरों के टायरों तले कुचलने की छूट खनन माफियाओं को किसने दी?

 

जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्यवाही चाहती है। अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो इस मार्ग की जर्जर हालत किसी दिन बड़ी जनहानि का कारण बनेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

 

“अंधेरगर्दी का आलम देखिए!”

फतेहपुर के असोथर-थरियांव मार्ग को मर्का खंड-3 की अवैध मौरंग ढोने वाले ओवरलोड डंपरों ने बर्बाद कर दिया है। वीडियो में देखिए, एक एम्बुलेंस इन डंपरों के बीच संघर्ष कर रही है। जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं। आखिर कब रुकेगा ये मौत का खेल?

 

India Varta News
Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

Leave a Comment